भेष बदलकर बस में पहुंचे परिवहन मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे पैसे न होने पर उतारने को कहा, औचक निरीक्षण में सामने आई बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने देखा कि एक यात्री द्वारा निर्धारित बस स्टॉप पर उतरने का स्पष्ट संकेत देने के बावजूद संबंधित बस के चालक और परिचालक ने वाहन नहीं रोका। इस लापरवाही के कारण यात्री को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंत्री ने इसे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित ड्राइवर और कंडक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। उनका कहना था कि सार्वजनिक परिवहन में ऐसी अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
इस निरीक्षण के दौरान स्वयं मंत्री को भी यात्रियों जैसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा। यात्रा के दौरान उन्होंने किराया देने के लिए 100 रुपये का नोट दिया, लेकिन कंडक्टर ने छुट्टे पैसे न होने की बात कहते हुए उन्हें बस से उतर जाने के लिए कहा। मंत्री ने इस घटना को यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार का वास्तविक उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी समस्याएं रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए गंभीर असुविधा का कारण बनती हैं और इनका समाधान किया जाना आवश्यक है।
बसों के निरीक्षण के अलावा मंत्री ने शहर में ऑटो-रिक्शा सेवाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने एक ऐसे मामले में हस्तक्षेप किया, जहां मीटर पर निर्धारित किराए से अधिक राशि यात्रियों से वसूली जा रही थी। उन्होंने मौके पर ही संबंधित चालक को नियमों का पालन करने और निर्धारित किराए से अधिक वसूली नहीं करने की हिदायत दी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सभी साधनों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
बायराथी सुरेश ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। यदि चालक, परिचालक या अन्य कर्मचारी अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि यात्रियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और सेवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार लाया जाए।
मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह के औचक निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे। उनका मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर आम नागरिक की तरह सेवाओं का अनुभव करना चाहिए, ताकि जमीनी स्तर पर मौजूद कमियों की सही जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि यात्रियों के हितों की रक्षा, कर्मचारियों में अनुशासन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार लगातार निगरानी रखेगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाती रहेगी।
