March 10, 2026

आज नागरिक उड्डयन सुरक्षा पर होगी चर्चा…, अहमदाबाद हादसे के बाद बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन (Union Home Secretary Govind Mohan) सोमवार दोपहर को एक उच्च स्तरीय समिति (High level committee) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में नागरिक उड्डयन सुरक्षा (Civil Aviation Security) को लेकर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबितक, यह बैठक हाल ही में अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद बुलाई गई है।

यह हादसा 12 जून को हुआ था, जब एअर इंडिया का लंदन जाने वाला विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान शहर के एक डॉक्टरों के छात्रावास से टकरा गया था। इस विमान में 12 चालक दल के सदस्यों समेत 242 लोग सवार थे, जिनमें से केवल एक की ही जान बच पाई थी।

अब तक 33 और लोगों की जा चुकी जान
जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति, भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश का अभी इलाज चल रहा है। विमान के टकराने से होस्टल और आसपास के इलाकों में आग लग गई, जिससे विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई और आसपास के लोगों को मिलाकर जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा 274 पहुंच गया।

पूर्व सीएम रूपाणी का अंतिम संस्कार आज
इससे पहले रविवार को गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने बताया कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या 274 है। इनमें से 45 लोगों की पहचान उनके रिश्तेदारों से डीएनए मिलान के जरिये की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों में शामिल गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार कल पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

शाम 5 बजे राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूचना मिलते ही विजय रूपाणी के परिवार को डीएनए सैंपल के मिलान की जानकारी दी। कल सुबह 11.30 बजे परिवार को सिविल अस्पताल से विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर मिलेगा। पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से राजकोट ले जाया जाएगा और दोपहर 2 बजे वहां पहुंचा जाएगा। शाम 5 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शवों की पहचान में हो रही मुश्किल
राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) इकाई और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) की टीम और अधिक डीएनए नमूनों का मिलान करने के लिए काम कर रही हैं। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के निदेशक एचपी सांघवी ने कहा कि तेज आग की वजह से शवों की पहचान मुश्किल हो गई है, इसलिए डीएनए जांच जरूरी है।

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