October 21, 2026

अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

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नई दिल्ली। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो युवकों और दो महिलाओं को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाएं कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए कुरियर का काम करती थीं और ट्रेन से पिस्तौल लेकर मुंबई पहुंची थीं। इस मामले में पहले ही तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किसके निर्देश पर जुटाए गए और फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों से इनका संपर्क कैसे हुआ।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल सुमित राधा और बबिता के रूप में हुई है। कुणाल की उम्र 21 साल और सुमित की उम्र 19 साल बताई गई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। वहीं 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर और 23 वर्षीय बबिता आजमगढ़ की निवासी है। पुलिस के अनुसार हथियारों की व्यवस्था करने में कुणाल की अहम भूमिका थी। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। एक दोस्त के माध्यम से उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे। जांच में सामने आया कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर गया और वहां से एक पिस्तौल तथा 20 कारतूस जुटाए।

पुलिस के मुताबिक हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए कुणाल ने राधा को तैयार किया। करीब दो महीने पहले दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद कुणाल ने उसे अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और पिस्तौल लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर 2026 को कुणाल राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हुईं। पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी और सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए उनके संपर्क में रहा।

जांच के अनुसार 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास आया और राधा से बैग लेकर चला गया। उस बैग में पिस्तौल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैग लेने वाला नाबालिग किसके संपर्क में था और हथियार आगे किसे सौंपा गया। फिलहाल वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद नहीं हुई है।

इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की गई। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। इस दौरान उनकी कार को निशाना बनाया गया। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक पोस्ट भी सामने आई थी लेकिन उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस के मुताबिक फायरिंग के बाद हमलावरों को मुंबई से बाहर निकालने की कोशिश भी की गई थी। इसी मामले में राजस्थान के कोटा से पहले तीन संदिग्धों रेहान उर्फ सुक्का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग को पकड़ा गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना था। हालांकि मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। चार नई गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस हथियार जुटाने से लेकर मुंबई पहुंचाने फायरिंग और आरोपियों को बाहर निकालने की कथित योजना तक सभी कड़ियों को जोड़ रही है। 

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