पलियक्कारा टोल प्लाजा पर जाम में फंसे सुरेश गोपी, पुलिस ने काफिला निकाला और मंत्री ने सभी गेट खुलवाए
जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मंत्री के काफिले को वहां से आगे निकाल दिया। इसके बाद सुरेश गोपी ने पलियक्कारा टोल प्लाजा के सभी 12 गेट खोलने का आदेश दिया। उनका कहना था कि सड़क पर इतनी लंबी कतार देखकर लोगों को हो रही परेशानी पर ध्यान देना जरूरी था। इसी वजह से उन्होंने तत्काल मामले में हस्तक्षेप करने का फैसला किया।
सुरेश गोपी ने बताया कि जब उन्होंने सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन देखी तो उन्हें लगा कि इस स्थिति में कुछ कदम उठाना जरूरी है। उनका कहना था कि गाड़ियां लंबे समय तक खड़ी रहती हैं तो इससे ईंधन की खपत होती है और धुआं भी निकलता है। ऐसे हालात में टोल गेट खोलकर वाहनों को आगे जाने देना चाहिए। इसी सोच के तहत उन्होंने सभी 12 गेट खोलने का निर्देश दिया था।
केंद्रीय मंत्री ने टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों को जाम के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा कि वहां तैनात कर्मचारी अपना काम कर रहे थे और टोल लेना उनकी जिम्मेदारी है। हालांकि, जब एक साथ बड़ी संख्या में वाहन टोल प्लाजा पर पहुंचते हैं तो टोल लेने की प्रक्रिया में समय लग सकता है। इस वजह से सड़क पर वाहनों की कतार बढ़ने लगती है और जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।
सुरेश गोपी ने आगे कहा कि ऐसे दिनों में जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उनका कहना था कि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से लोगों को जाम की परेशानी से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यातायात की स्थिति को संभालने के लिए इस तरह के सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
इस बीच जाम के दौरान पुलिस द्वारा मंत्री के काफिले को आगे निकालने पर कुछ वाहन चालक नाराज भी हुए। सुरेश गोपी ने माना कि कई लोगों को उनका काफिला आगे जाता देखकर गुस्सा आया था। उन्होंने कहा कि कुछ वाहन चालक उन्हें आगे निकलते देखकर नाराज नजर आए। हालांकि, बाद में जब टोल प्लाजा के गेट खोले गए और वाहनों की आवाजाही शुरू हुई तो स्थिति में सुधार होने लगा और लोगों को राहत मिली।
पुलिस के मुताबिक, करीब 30 मिनट के भीतर टोल प्लाजा के दोनों तरफ यातायात की स्थिति काफी बेहतर हो गई थी। वाहनों की लंबी कतार कम होने लगी और गाड़ियां आगे बढ़ने लगीं। इसके बाद सुरेश गोपी भी वहां से आगे रवाना हो गए।
पूरी घटना के दौरान सुरेश गोपी ने लंबे समय से जाम में फंसे वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए टोल प्लाजा के सभी गेट खोलने का निर्देश दिया। उन्होंने टोल कर्मचारियों को दोषी नहीं माना और कहा कि बड़ी संख्या में वाहन एक साथ पहुंचने पर टोल प्रक्रिया में समय लगना जाम की वजह बन सकता है। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन, स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के बीच समन्वय की जरूरत बताई।
