May 3, 2026

सुपर टैंकर सर्वशक्ति ने US नाकेबंदी के बीच पार किया होर्मुज…45 हजार टन LPG लेकर आ रहा भारत

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नई दिल्ली।
देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG gas cylinder) की दिक्कत के बीच एक बड़ी राहत की खबर है। कम से कम 45 हजार टन एलपीजी लेकर भारत (India) का एक सुपर टैंकर ‘सर्वशक्ति’ (Super Tanker ‘Sarvashakti’) होर्मुज को पार कर गया है जो कि जल्द ही भारत पहुंच सकता है। आपको बता दें कि अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की सख्ती के बीच यह बड़ी सफलता है कि भारत से जुड़ा टैंकर इस रास्ते को पार करके आगे बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक कड़ी सुरक्षा के साथ यह टैंकर भारत के पोर्ट पर पहुंचेगा। इसका चालक दल भी भारतीय ही है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्गो शिप भारतीय कंपनियों को गैस उपलब्ध करवाने वाला है। हालांकि इस मामले में IOC ने कोई जवाब नहीं दिया है। इससे पहले देश गरिमा नाम का टैंकर तेल लेकर मुंबई पोर्ट पर पहुंचा था। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज के आसपास नाकेबंदी कर दी थी। इसके बाद सैकड़ों जहाज होर्मुज के आसपास ही रुके हुए हैं।


अमेरिका ने कंपनियों को चेताया

ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने जहाजरानी कंपनियों से कहा है कि वे अगर होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को किसी तरह का शुल्क देंगी तो उन्हे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के मध्य जारी टकराव के बीच अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा शुक्रवार को दी गई चेतावनी ने दबाव और बढ़ा दिया है। आम तौर पर शांति के समय दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।


ईरान ने बना दिया टोलबूथ

ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद जहाजों पर हमले की धमकियां देकर और हमले करते हुए जलडमरूमध्य को सामान्य आवाजाही के लिए लगभग बंद कर दिया। बाद में, उसने कुछ जहाजों को अपनी तटरेखा के करीब वैकल्पिक मार्गों से मोड़कर सुरक्षित मार्ग प्रदान करना शुरू किया, और कई बार इस सेवा के लिए शुल्क भी वसूला। अमेरिका की प्रतिबंध चेतावनी का मुख्य केंद्र संबंधित टोलबूथ जैसी व्यवस्था है।

ओएएफसी के अनुसार, भुगतान की मांगों में केवल नकद ही नहीं, बल्कि ‘डिजिटल परिसंपत्तियां, समायोजन, अनौपचारिक अदला-बदली, या अन्य प्रकार के वस्तु-आधारित भुगतान’ भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें परमार्थ दान और ईरानी दूतावासों में किए जाने वाले भुगतान भी शामिल हैं।

अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान द्वारा जलडमरूमध्य बंद किए जाने के जवाब में अपनी ओर से एक नौसैनिक नाकाबंदी लागू की, जिससे किसी भी ईरानी तेल टैंकर को बाहर जाने से रोका गया और ईरान को उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आवश्यक तेल राजस्व से वंचित कर दिया गया। अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 45 वाणिज्यिक जहाजों को वापस जाने को कहा गया है।

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