March 8, 2026

अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी सेना के शौर्य की दास्तां, ऑपरेशन सिंदूर को सिलेबस में शामिल करने की तैयारी…

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नई दिल्ली। भारतीय सुरक्षा बलों (Indian Security Forces) के शौर्य की दास्तान (Bravery Saga) ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बारे में अब किताबों में भी पढ़ाया जाएगा। छात्रों को भारत की रक्षा रणनीति और कूटनीतिक प्रतिक्रिया के बारे में जानने में मदद करने के लिए एनसीआरटी (NCERT) इसकी तैयारी कर रही है। इस ऑपरेशन को कक्षा 3 से 12 तक के सिलेबस (Syllabus) में शामिल करने के लिए स्पेशल मॉड्यूल पर काम किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस मॉड्यूल के दो भाग होंगे, जिनमें एक कक्षा तीन से आठ तक के छात्र- छात्राओं के लिए होगा। वहीं दूसरा मॉड्यूल कक्षा नौ से 12 तक के लिए होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने बताया कि एनसीआरटी द्वारा विशेष रूप से तैयार किए जा रहे इस मॉड्यूल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की रणनीतिक सैन्य प्रतिक्रिया को लेकर 10 पेज होंगे। सूत्र के मुताबिक इसका उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि राष्ट्र आतंकवादी खतरों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं तथा रक्षा, कूटनीति और मंत्रालयों के बीच समन्वय राष्ट्रीय सुरक्षा में किस प्रकार भूमिका निभाते हैं।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर शुरू कर दिया था। भारत की तरफ से किए गए इस ऑपरेशन में कई दर्जन पाकिस्तानी आतंकी मारे जाने की खबर सामने आई। इस हमले के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने भारत में नागरिक संस्थानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि भारत के मजबूत एयर डिफेंस ने पाकिस्तान के हमले को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस हमले का जवाब देते हुए भारत ने पाकिस्तान कई ठिकानों पर हवाई हमले किए जिनका असर पाकिस्तान पर आज भी है।

इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच में डीजीएमओ स्तर की वार्ता के बाद सीजफायर का ऐलान हुआ। वर्तमान में मॉनसून सत्र के दौरान विपक्षी पार्टियां भी लगातार ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार से सवाल जवाब करने की मांग कर रही है। सरकार की तरफ से भी इस बात की घोषणा की गई है कि सोमवार को इस पर चर्चा होगी।

लोकसभा में 16 घंटे और राज्य सभा में 9 घंटे चलने वाली इस चर्चा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री जयशंकर से शामिल होने की संभावना है।

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