तिरुवनंतपुरम में होटल की लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे शशि थरूर, हाइड्रोलिक स्प्रेडर से सुरक्षित निकाला बाहर
घटना की जानकारी मिलते ही होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आधुनिक उपकरणों की मदद से शशि थरूर समेत लिफ्ट में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शाम 7:37 बजे सूचना मिली कि सांसद होटल की लिफ्ट में फंस गए हैं। इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। शुरुआती प्रयासों में होटल स्टाफ और अन्य लोगों ने लोहे की रॉड से लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। यहां तक कि लिफ्ट मैकेनिक भी तकनीकी खराबी दूर कर दरवाजा नहीं खोल सके।
बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट निर्धारित मंजिल तक नहीं पहुंच पाई, जिससे उसका ऑटोमैटिक डोर लॉक सक्रिय हो गया और अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।
हाइड्रोलिक स्प्रेडर से खोला गया दरवाजा
मौके पर पहुंची फायर फोर्स की टीम ने आधुनिक हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल किया और कुछ ही मिनटों में शाम 7:51 बजे लिफ्ट के दरवाजे को खोल दिया। दरवाजा खुलते ही शशि थरूर मुस्कुराते हुए बाहर आए और राहत की सांस ली।
बाहर निकलने के बाद उन्होंने रेस्क्यू टीम का आभार जताते हुए कहा, “आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। वेल डन! आपने बेहतरीन काम किया है।” अधिकारियों द्वारा उनका हालचाल पूछे जाने पर थरूर ने बताया कि लिफ्ट में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
रेस्क्यू अभियान के बाद शशि थरूर ने फायर विभाग के अधिकारियों की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने टीम को चाय के लिए आमंत्रित भी किया, लेकिन अधिकारियों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाकर उनका धन्यवाद किया और अपनी ड्यूटी पर लौट गए। बाद में थरूर ने त्वरित कार्रवाई के लिए अग्निशमन कर्मियों को सम्मानित भी किया।
