March 8, 2026

Delhi car explosion case: पांच माह में सुरक्षा एजेंसियों ने ध्वस्त किए दर्जनभर से ज्यादा आतंकी माड्यूल

0
Delhi hamla

– आइएस, अलकायदा, जैश-ए-मोहम्मद, बीकेआइ से लेकर जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश से जुड़े थे ये माड्यूल
– दिल्ली में धमाके से पहले ही जैश के नौ आतंकियों को पकड़ने समेत 2,931 किलो विस्फोटक किया जा चुका था बरामद


हताशा में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी डा. उमर भले ही लाल किला के पास धमाका करने में सफल रहा हो लेकिन सच्चाई यह है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में पिछले पांच महीने में एक दर्जन से अधिक आतंकी माड्यूल को ध्वस्त करने में सफल रही हैं। 10 दिसंबर के धमाके से पहले ही जैश- ए-मोहम्मद व अंसार गजवत-उल-हिंद के इस माड्यूल के नौ आतंकियों को गिरफ्तार करने के साथ ही 2,931 किलोग्राम विस्फोटक व अन्य हथियार बरामद किए जा चुके थे।
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद व अंसार गजवत-उल-हिंद के आतंकी माड्यूल के अलावा दो अन्य आतंकी माड्यूल को ध्वस्त किया गया था। इनमें एक माड्यूल नौ नवंबर को गुजरात में ध्वस्त किया गया, जोकि ड्रोन के माध्यम से आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने का काम करता था। गुजरात एटीएस ने इस माड्यल से जुड़े हैदराबाद के एक डाक्टर और दो युवाओं को गिरफ्तार किया था। इसके पहले सात नवंबर को राजस्थान एटीएस ने तहरीके तालिबान पाकिस्तान से जुड़े जालोन के मौलवी को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली पुलिस ने सौत उल उम्मह नाम के आइएस से जुड़े एक आतंकी माड्यूल को ध्वस्त कर 24 अक्टूबर को दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने फिदायीन हमले की ट्रेनिंग भी ले रखी थी। इसके साथ ही नौ अक्टूबर को पंजाब में 2.500 किलोग्राम आइईडी बरामद करने के बाद 15 अक्टूबर को सीमा पार से हथियार व अफीम सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। 13 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के माड्यूल को ध्वस्त किया गया, जो इंटरनेट मीडिया के माध्यम से युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर रहा था।
गृह मंत्रालय के अनुसार, दो सितंबर को पंजाब और जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी हमलों को नाकाम करने के साथ ही 11 सितंबर को दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में फैले पाकिस्तान समर्थित माड्यूल का पर्दाफाश किया। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इसी तरह से 17 सितंबर को एनआइए ने आठ राज्यों में फैले आइएस के आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। आंध्र प्रदेश के विजयनगर से संचालित इस माड्यूल के सरगना आरिफ हुसैन उर्फ अबू तालिब को नेपाल भागने के दौरान 27 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। वहीं उत्तर प्रदेश एटीएस ने 30 सितंबर को शरिया आधारित शासन स्थापित करने की साजिश रचने वाले चार आरोपितों को पकड़ा था। 12 अगस्त को पंजाब व राजस्थान में सक्रिय आइएस द्वारा संचालित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) के माड्यूल का राजफाश हुआ तो 20 अगस्त को बीकेआइ और बिश्नोई गैंग के गठजोड़ का पर्दाफाश किया गया।
मंत्रालय के मुताबिक, 24 जुलाई को गुजरात व उत्तर प्रदेश में फैले अलकायदा और आइएस से जुड़े गजवा-ए-हिंद के आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया तो पंजाब में ग्रेनेड हमले से जुड़े तीन आतंकियों को 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। 11 जुलाई को सेना और पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर जम्मू के पुंछ में आतंकियों के कई गुप्त ठिकानों को ध्वस्त किया। इसी तरह से 20 मई को पंजाब के बटाला में मुठभेड़ के बाद बीकेआइ माड्यूल के छह आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। 19 मई को हैदराबाद में आइएस से जुड़े आतंकी को विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार किया। 11 मई को बंगाल में जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश- लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया जो पाकिस्तान के निर्देशों पर काम करता था।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *