March 8, 2026

संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते

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नई दिल्ली । भदोही से जारी राजनीतिक बयानबाजी में यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनने के ऑफर पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है और दूसरों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है। संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा “भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते।

भदोही में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने साफ किया कि सपा का यह बयान ही साबित करता है कि उनके पास सरकार बनाने की ताकत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि PDA संकट में है और यदि यह स्थिति बनी रही तो 2027 के चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। संजय निषाद ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि वे असली पहलवान तैयार करते थे और संगठन को जमीन पर खड़ा करते थे जबकि आज अखिलेश यादव केवल ‘भाड़े के पहलवानों’ के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं।

संजय निषाद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पूरे सनातन समाज के पूज्यनीय हैं और उनके साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की।

संजय निषाद की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। उनका कहना है कि सपा का यह ऑफर केवल हवा में बातें करने जैसा है और सत्ता हासिल करने के लिए असली संगठन और जमीन पर संघर्ष जरूरी है। उनका निशाना स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और गठबंधन की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस बयान के बीच शंकराचार्य विवाद भी गर्म बना हुआ है जिसमें बालकों की शिखा खींचने और गिरफ्तारी का मुद्दा शामिल है। संजय निषाद ने कहा कि इस घटना से समाज आहत है लेकिन कानून सच्चाई सामने लाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यूपी की सियासी हलचल में यह बयान और विवाद दोनों ही चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

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