March 8, 2026

छात्र-अभिभावकों को राहत दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूल फीस पर कसा शिकंजा

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नई दिल्ली।दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ोतरी पर कड़ा कदम उठाते हुए नया कानून लागू किया है। दिल्ली स्कूल शिक्षा शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता धिनियम-2025 और इसके संबंधित नियम अब पूरी तरह से लागू हो गए हैं। इस कानून के तहत अब कोई भी निजी स्कूल बिना सरकारी मंजूरी और निर्धारित प्रक्रिया के अपनी फीस नहीं बढ़ा सकेगा।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद का बयान

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस नए कानून की जानकारी दी और इसे 27 साल बाद आया एक ऐतिहासिक सुधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी रही है लेकिन पहले की सरकारें इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई थीं। मौजूदा सरकार ने इस मुद्दे पर जल्दी और प्रभावी कदम उठाया है जिससे यह साफ हो गया कि सरकार अभिभावकों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है।

आशीष सूद ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा कोई कारोबार नहीं बल्कि यह बच्चों का अधिकार है। अब स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि की जांच और वित्तीय स्थिति की समीक्षा शिक्षा विभाग करेगा और बिना मंजूरी फीस बढ़ाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों की भागीदारी अनिवार्य

नए कानून में अभिभावकों को भी बड़ी ताकत दी गई है। फीस बढ़ाने की प्रक्रिया में अभिभावकों की भागीदारी अनिवार्य कर दी गई है। अब सभी निजी स्कूलों को अपनी फीस संरचना आय-व्यय का विवरण और वित्तीय जरूरतें सार्वजनिक रूप से घोषित करनी होंगी। इसके अलावा एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली भी बनाई जाएगी जिससे अभिभावक सीधे अपनी बात रख सकेंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।

निजी स्कूलों पर विशेष निगरानी और कठोर कार्रवाई

दिल्ली में लंबे समय से निजी स्कूल हर साल ट्यूशन फीस एडमिशन फीस और अन्य शुल्कों में भारी बढ़ोतरी कर रहे थे। 2007 और 2012 में फीस नियंत्रण के प्रयास जरूर किए गए थे लेकिन कानूनी खामियों के कारण वे ज्यादा प्रभावी नहीं हो पाए। अब 2025 का यह नया कानून उन कमियों को दूर करने का दावा करता है।

सरकार ने कहा है कि आने वाले महीनों में सभी निजी स्कूलों की विशेष निगरानी की जाएगी और जो स्कूल नियमों का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि स्कूलों की फीस वृद्धि में पारदर्शिता हो और अभिभावकों के अधिकारों का उल्लंघन न हो।

इस कानून से दिल्ली के लाखों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब निजी स्कूलों में फीस वृद्धि के मामले में पारदर्शिता होगी अभिभावकों का सक्रिय रूप से इसमें योगदान रहेगा और शिक्षा व्यवस्था अधिक जवाबदेह ईमानदार और सुरक्षित बनेगी। यह कदम निश्चित तौर पर प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस बढ़ोतरी की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में अहम साबित होगा।

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