अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान
जानकारी के मुताबिक, तीरथ सिंह अपने दोस्त के साथ गुरुद्वारे में मत्था टेकने गए थे। दर्शन करने के बाद जब दोनों बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से तीरथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद रंजीत सिंह भी गोलीबारी की चपेट में आकर घायल हो गए।
मृतक तीरथ सिंह का परिवार स्थानीय राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनकी मां गांव की सरपंच हैं, जबकि उनका भाई ब्लॉक समिति का सदस्य है। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। गुरुद्वारे से बाहर निकलने के दौरान हुई इस वारदात ने इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मामले की शिकायत सरपंच की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की है। इनमें गुरजंट, गोरा, हरकीरत उर्फ हॉकी और गुरदित्त सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर छापेमारी की जा रही है। जांच के तहत घटना से जुड़े तथ्यों और हमलावरों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए हथियारों से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।
अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कवलप्रीत सिंह चहल ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि मामला गैंगवार का नहीं, बल्कि आपसी रंजिश का प्रतीत होता है। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हाल के दिनों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। 18 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच मोगा, अमृतसर, लुधियाना, तरनतारन और मानसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गोली चलने की 11 घटनाएं दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं में आम नागरिकों के अलावा पुलिसकर्मी और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता भी निशाना बने हैं। कुछ मामलों में हमलावर बाइक या एसयूवी से पहुंचे, जबकि अन्य घटनाओं में विवाद के बाद गोलीबारी की बात सामने आई।
चीते कलां गांव में हुई ताजा वारदात के बाद पुलिस के सामने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और घटना की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है। फिलहाल, तीरथ सिंह की मौत और उनके दोस्त के घायल होने के मामले में जांच जारी है।
