March 8, 2026

बीएमसी चुनाव में हार पर राज ठाकरे का पहला बयान, भारी धनबल और सत्ता की ताकत के खिलाफ यह मुकाबला था

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में मिली करारी हार के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव भारी धनबल और सत्ता की ताकत बनाम शिवशक्ति के बीच का मुकाबला था।
ठाकरे ने स्वीकार किया कि मनसे को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी न तो हताश है और न ही हार मान रही है। उन्होंने मनसे के चुने हुए पार्षदों को बधाई दी और कहा कि वे सत्ताधारी ताकतों के सामने जमीन पर मजबूती से खड़े रहेंगे।

राज ठाकरे का बयान: गहन विश्लेषण करेंगे
ठाकरे ने कहा कि चुनाव परिणामों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।

उन्होंने कहा, जो गलत हुआ, जो छूट गया, जहां कमी रह गई और आगे क्या करना है, हम सब मिलकर इसका विश्लेषण करेंगे और उचित कार्रवाई लेंगे।उन्होंने मनसे के मूल सिद्धांतों को दोहराते हुए कहा कि पार्टी मराठी लोगों, मराठी भाषा, मराठी अस्मिता और समृद्ध महाराष्ट्र के लिए संघर्षरत है।
ठाकरे ने चेतावनी भी दी कि सत्ताधारी दल और उनके समर्थक मराठी लोगों को परेशान करने और शोषित करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।उन्होंने कहा, चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन हमारी सांस मराठी है और इसे कभी नहीं भूलना चाहिए।
इस चुनाव का राजनीतिक महत्व इसलिए भी था क्योंकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 20 साल बाद एक साथ चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन यह गठजोड़ राज्य स्तर पर सफल नहीं हो पाया।बीजेपी नीत महायुति गठबंधन ने बीएमसी समेत राज्य की 24 नगर निगमों में भारी जीत दर्ज की।
20 साल बाद ठाकरे बंधुओं की जोड़ी भी नहीं चली
इस चुनाव का राजनीतिक महत्व इसलिए भी था क्योंकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 20 साल बाद एक साथ चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन यह गठजोड़ राज्य स्तर पर सफल नहीं हो पाया।
बीजेपी नीत महायुति गठबंधन ने बीएमसी समेत राज्य की 24 नगर निगमों में भारी जीत दर्ज की।
परिणामों का संक्षिप्त सार
बीजेपी: 1,425 सीटें
एकनाथ शिंदे की शिवसेना: 399 सीटें
अजीत पवार की एनसीपी: 167 सीटें
मनसे: केवल 13 सीटें
बीएमसी (227 सदस्यीय) में मनसे: 6 सीटें
इस परिणाम से साफ हुआ कि मराठी अस्मिता के मुद्दे पर मनसे का प्रभाव कमजोर रहा।
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