August 21, 2026

चीनी खिलाड़ी के सामने सिंधु का संघर्ष बेअसर 3 गेम तक चला रोमांचक मुकाबला, हार के साथ वर्ल्ड चैम्पियनशिप का सफर खत्म

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नई दिल्ली । भारत में 17 साल बाद आयोजित हो रही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में घरेलू दर्शकों को भारतीय स्टार खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ ही कई बड़े नाम मेडल की दौड़ से बाहर हो गए हैं। भारत की दिग्गज महिला शटलर पीवी सिंधु को भी प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग झी यी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वांग झी यी ने सिंधु को 11-21 21-15 17-21 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। करीब एक घंटे 28 मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला लेकिन निर्णायक गेम में चीनी खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी अपने नाम कर ली।

मुकाबले की शुरुआत सिंधु के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले गेम में वांग झी यी ने शुरुआती बढ़त हासिल की और इंटरवल तक 11-9 से आगे रहीं। इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने अपनी गति और आक्रामकता बढ़ा दी जबकि सिंधु लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आईं। इंटरवल के बाद भारतीय खिलाड़ी केवल दो अंक ही जुटा सकीं और पहला गेम 11-21 से गंवा दिया। हालांकि सिंधु ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की। उन्होंने शुरुआत से ही बेहतर नियंत्रण दिखाया और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दूसरे गेम में सिंधु ने 21-15 से जीत हासिल कर निर्णायक गेम का रोमांच बढ़ा दिया।

तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। सिंधु ने कई मौकों पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन मैच के अंतिम दौर में वांग झी यी ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया। निर्णायक क्षणों में चीनी खिलाड़ी ने लगातार महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और 21-17 से तीसरा गेम अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही सिंधु का घरेलू मैदान पर विश्व चैम्पियनशिप में एक और पदक जीतने का सपना टूट गया।

सिंधु के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि वह विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में अब तक पांच पदक जीत चुकी हैं। उनके नाम एक स्वर्ण दो रजत और दो कांस्य पदक हैं। वह विश्व चैम्पियनशिप में पांच पदक जीतने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं। इस बार भी उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। सिंधु ने टूर्नामेंट की शुरुआत मजबूत अंदाज में की थी। राउंड ऑफ 64 में उन्होंने आयरलैंड की सोफिया नोबेल को सीधे गेमों में हराया जबकि राउंड ऑफ 32 में कनाडा की वेन यू झांग के खिलाफ भी जीत दर्ज कर अंतिम 16 में प्रवेश किया था। लेकिन यहां उन्हें तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी की चुनौती से पार नहीं मिल सका।

वांग के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड भी मुकाबले से पहले भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में नहीं था। दोनों के बीच इससे पहले आठ मुकाबले हो चुके थे जिनमें चीनी खिलाड़ी ने अधिक जीत दर्ज की थी। इस हार के बाद वांग ने एक बार फिर अपनी बढ़त मजबूत कर ली है।

सिंधु के अलावा भारत के पुरुष वर्ग को भी बड़ा झटका लगा है। आयुष शेट्टी को इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इससे एक दिन पहले लक्ष्य सेन को अमेरिका के गैरेट टैन के खिलाफ अप्रत्याशित हार मिली थी। ऐसे में भारत के कई स्टार खिलाड़ियों के बाहर होने से घरेलू विश्व चैम्पियनशिप में भारतीय चुनौती को बड़ा झटका लगा है। हालांकि टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों की उम्मीदें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं और बाकी खिलाड़ी अब देश के लिए पदक हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं।

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