चीता प्रोजेक्ट को तीन दिन में दूसरा झटका: ग्वालियर में एबी रोड पर कार ने मारी टक्कर, राजस्थान में पकड़े गए कार सवार
– हाईवे पर रफ्तार के कहर ने ली चीता शावक की जान
– 17 मार्च 2025 को गामिनी और उसके चार शावकों को बाड़े से जंगल में छोड़ा गया था।
– 01 महीने पहले ही गामिनी से अलग हो गए थे शावक, मृत चीता शावक का नाम केजी-4 (मादा) है।

ग्वालियर/श्योपुर। देश में चीता प्रोजेक्ट को तीन दिन में दूसरा झटका लगा है। कूनो नेशनल पार्क से ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र में भटककर आए मादा चीता गामिनी के दो नर शावकों में से एक की रविवार सुबह तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत हो गई। हादसा आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे के सिमरिया मोड़ के पास सुबह 5-6 बजे हुआ। सड़क पार करते समय कार ने करीब 21 माह के शावक को कुचल दिया। चूंकि वन विभाग की टीम चीतों की ट्रेकिंग कर रही थीं, तो संदिग्ध कार चालक को राजस्थान में पकड़ा गया। दूसरा शावक सुरक्षित है। ज्ञात हो कि 4 दिसंबर को मादा चीता वीरा और
दो शावकों को बाड़े से रिलीज किया गया था। अगले ही दिन एक शावक की मौत हो गई।
सीमा पर नाकाबंदी कर दबोचा-
बारां/ग्वालियर. संदिग्ध कार की तलाश में मध्यप्रदेश-राजस्थान की सीमा पर नाकाबंदी
करवाई गई। कूनो प्रबंधन की सूचना पर राजस्थान के बारां जिले में चार जगह नाकाबंदी की गई। उपवन संरक्षक विवेकानंद माणिक राव ने बताया, सुबह लगभग 11 बजे अंता-कोटा हाईवे-27 स्थित सीमलिया टोल प्लाजा पर वाहन को रोका गया। वन विभाग ने कार सवार चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
27 चीते कूनो से घाटीगांव क्षेत्र में आए दोनों शावक 3-4 दिन से सोनचिरैया अभयारण्य में थे। क्षेत्र में पर्याप्त शिकार मिलने के कारण शावक घाटीगांव में ही रुक गए। उन्होंने दो बार शिकार भी किया। कूनो में फिलहाल 27 चीते हैं। इनमें 19 शावक और 8 वयस्क शामिल हैं। सभी स्वस्थ हैं।
