PM मोदी के लाल किले से की RSS की तारीफ, कांग्रेस का तंज, कहा – ‘रिटायरमेंट रोकने की कोशिश’
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस (स्वतंत्रता दिवस) के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की तारीफ की है। कांग्रेस (Congress) ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की इस तारीफ को बेहद परेशान करने वाला और भारत के संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष ढांचे की भावना का उल्लंघन बताया है। इतना ही नहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि आज वह काफी थके हुए लग रहे थे, जल्दी ही वह रिटायर हो जाएंगे। कांग्रेस महासचिव ने पीएम मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए गए भाषण की आलोचना करते हुए उसे बासी, पाखंडी और नीरस बताया।। उन्होंने दावा किया कि पीएम ने विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे शब्दों को बार-बार दोहराकर एक भाषण तैयार कर लिया।
कांग्रेस महासचिव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए पोस्ट में लिखा, “आज प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे परेशान करने वाला पहलू लाल किले की प्राचीर से आरएसएस का नाम लेना था, जो एक संवैधानिक, धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की भावना का स्पष्ट उल्लंघन है। यह कुछ नहीं बल्कि अगले महीने उनके 75वें जन्मदिन से पहले संगठन को खुश करने का एक हताश प्रयास है।” कांग्रेस नेता का इशारा यहां राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की उस टिप्पणी की तरफ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेताओं को 75 वर्ष की आयु पर पहुंचने के बाद युवा नेताओं को मौका देने के लिए पीछे हट जाना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी के बाद विपक्ष के कई लोगों ने दावा किया था कि यह टिप्पणी पीएम मोदी की तरफ इशारा थी।
4 जून 2024 के बाद कमजोर हो चुके पीएम मोदी: रमेश
रमेश ने कहा, “4 जून, 2024 की घटनाओं के बाद निर्णायक रूप से कमज़ोर हो चुके प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह से आरएसएस दया और सितंबर के बाद अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए मोहन भागवत का आशीर्वाद पर निर्भर हैं। व्यक्तिगत और संगठनात्मक लाभ के लिए स्वतंत्रता दिवस का यह राजनीतिकरण हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद हानिकारक है।”
केवल संघ को खुश करने के लिए: कांग्रेस नेता मणिकम
एक और कांग्रेस नेता मणिकचम टैगौर ने आरएसएस पर सवाल उठाते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में लिखा, “संघ की विरासत विदेशी उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़ने की नहीं बल्कि हम भारतीयों के बीच में नफरत और फूट फैलाने की है। नफरत की इसी विचारधारा ने महात्मा गांधी को हमसे छीन लिया। इसके बाद भी पीएम मोदी ने कथित तौर पर संघ को खुश करने के लिए लाल किले से उसकी तारीफ की। एक ऐसे संगठन के लिए असली स्वतंत्रता सेनानियों की यादों का अपमान करना अस्वीकार्य है।”
क्या कहा था पीएम मोदी ने
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान कहा, “आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, इन सौ सालों की राष्ट्र की सेवा की यात्रा बहुत गौरव पूर्ण है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर सौ साल तक मां भारती का कल्याण का लक्ष्य लेकर के अनेकों स्वयं सेवकों ने मां भारती के कल्याण के लिए अपना जीवन न्यौछावर किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। इनका 100 सालों का समर्पण का योगदान है। आज मैं लाल किले की प्राचीर से उन सभी स्वयं सेवकों को नमन करता हूं।”
