September 29, 2026

वडोदरा में पीएम मोदी का जेन-जी से संवाद, ‘धुरंधर’ के गाने पर रैंप वॉक और राहुल गांधी पर तीखा तंज

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नई दिल्ली ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में जेन-जी युवाओं के साथ करीब 25 मिनट तक संवाद किया। कार्यक्रम में करीब छह हजार युवाओं को शामिल किया गया था। इस दौरान प्रधानमंत्री ने युवाओं से झूठे दावों और भ्रामक बातों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग झूठ की गूंज के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें सच्चाई के साथ खड़ा रहना चाहिए। उनके इस बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर तंज के तौर पर देखा गया।

युवाओं के बीच पहुंचने के लिए कार्यक्रम स्थल पर खास तौर पर Y आकार का रैंप तैयार किया गया था। भाषण से पहले प्रधानमंत्री इसी रैंप पर चलते हुए युवाओं के बीच पहुंचे। मंच पर पहुंचते ही क्वीन का लोकप्रिय गीत ‘वी विल रॉक यू’ बजाया गया। इसके बाद फिल्म ‘धुरंधर’ का गीत ‘आरी आरी’ भी सुनाई दिया। कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने प्रधानमंत्री को तस्वीर भेंट की, जबकि युवाओं ने मोबाइल फोन से उनका वीडियो भी बनाया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर चलती थीं, जिससे दोनों की गति प्रभावित होती थी। अब अलग ट्रैक की व्यवस्था से माल परिवहन को गति मिली है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं।

उन्होंने मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से डबल कंटेनर मालगाड़ी के संचालन का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे एक बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर माल मुंबई से वडोदरा पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रकों से सामान पहुंचाने में करीब 30 घंटे लग सकते हैं, जबकि फ्रेट कॉरिडोर के जरिए यह दूरी करीब 10 घंटे में पूरी हो सकती है।

फ्रेट कॉरिडोर के इतिहास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ था और 2006 में विशेष कंपनी बनाई गई थी। उनके अनुसार, 2014 तक फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाती रहीं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद सरकार ने परियोजना को गति दी और करीब 2,000 किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा किया।

प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत को सुपरपावर बनाने के लिए पूरे इकोसिस्टम की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए यूरेनियम और रेयर अर्थ मटेरियल की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और अपग्रेडेशन पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

जेन-जी से संवाद को लेकर प्रधानमंत्री पिछले कुछ समय से युवाओं के बीच सक्रिय नजर आए हैं। जुलाई में उन्होंने सेल्फी वीडियो के जरिए युवाओं से संवाद किया था। इसके बाद उन्होंने युवाओं के सुझावों पर प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया के अनौपचारिक अंदाज में भी उनसे जुड़ने की कोशिश की। अगस्त में मंत्रियों को विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ समय बिताने और सरकारी स्कूलों का दौरा करने का निर्देश दिया गया था।

देश की राजनीति में जेन-जी की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान 18 से 29 वर्ष आयु के मतदाताओं की हिस्सेदारी 22.78 प्रतिशत थी। ऐसे में भाजपा, कांग्रेस और आरएसएस तीनों ही युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। प्रधानमंत्री के वडोदरा कार्यक्रम में इसी व्यापक प्रयास की झलक दिखाई दी।

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