July 31, 2026

संसद की तस्वीर बनी सियासत का केंद्र, टीएमसी सांसद की मौजूदगी से ममता बनर्जी पर उठे सवाल

0
untitled-1785478013

नई दिल्ली । संसद की कैंटीन में हुई एक सामान्य मुलाकात की तस्वीर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय और आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ एक ही टेबल पर भोजन करते नजर आए। तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं के भाजपा से नजदीकियां बढ़ने और संभावित दलबदल की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि टीएमसी नेताओं ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संसद परिसर की सामान्य सामाजिक मुलाकात बताया है।

तस्वीर वायरल होने के बाद सबसे पहले सौगत रॉय ने पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि संसद की कैंटीन में वे पहले से बैठे थे, बाद में अमित शाह और भाजपा के अन्य नेता उसी मेज पर आकर बैठे और कुछ ही देर में वहां से चले गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई। उनका कहना था कि भाजपा की ओर से संपर्क किए जाने की चर्चा निराधार है और वास्तविकता यह है कि उनकी पार्टी उन नेताओं से संपर्क कर रही है जो एनडीए में चले गए हैं, ताकि उन्हें वापस लाया जा सके।

दूसरी ओर शत्रुघ्न सिन्हा ने भी तस्वीर को लेकर उठे विवाद को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा उनके पुराने मित्र हैं और संसद में साथ बैठकर भोजन करना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने दोहराया कि इस मुलाकात का राजनीति या पार्टी बदलने जैसी किसी संभावना से कोई संबंध नहीं है।

टीएमसी के अन्य नेताओं ने भी तस्वीरों को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज किया। सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक कुणाल घोष ने कहा कि संसद या विधानसभा जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना-जुलना सामान्य प्रक्रिया है। ऐसी तस्वीरों को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विचारधारा और राजनीतिक प्रतिबद्धता किसी तस्वीर से तय नहीं होती।

हालांकि पार्टी के भीतर से अलग स्वर भी सुनाई दिए। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने तस्वीरों को ध्यान से देखा है और संभव है कि इसके पीछे कोई रणनीति हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उनका कोई संबंध नहीं है और राजनीति में इस तरह की गतिविधियां होती रहती हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में राज्य की राजनीति में कई नेताओं के दल बदलने और राजनीतिक समीकरण बदलने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में संसद की कैंटीन में सामने आई यह तस्वीर भी चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि फिलहाल न तो सौगत रॉय और न ही शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा में शामिल होने जैसी किसी संभावना के संकेत दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच सामाजिक संबंध और औपचारिक मुलाकातें लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा हैं। इसलिए केवल एक तस्वीर के आधार पर किसी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में यदि इस घटनाक्रम पर कोई नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है, तभी इन अटकलों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *