March 8, 2026

बर्फीली हवाओं के घेरे में उत्तर भारत: पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानों में शीतलहर का 'डबल अटैक', अलर्ट जारी

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नई दिल्ली/शिमला। उत्तर भारत में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां ऊंचे हिमालयी क्षेत्र भारी बर्फबारी के बाद सफेद चादर में लिपटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली NCR सहित पूरे मैदानी बेल्ट को डीप फ्रीजर बना दिया है। मकर संक्रांति के 10 दिन बीत जाने के बाद भी सर्दी का सितम कम होने के बजाय और गहरा गया है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं।

पहाड़ों पर बर्फ का प्रहार जनजीवन अस्त-व्यस्त
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हिमाचल शिमला और मनाली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भारी हिमपात के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा है। उत्तराखंड और जम्मू उत्तरकाशी, चमोली और डोडा में बर्फ की मोटी परत जमने से यातायात पूरी तरह ठप है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है।

दिल्ली-NCR बारिश के बाद कोहरे का पहरा

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को हुई बारिश ने फिजा में नमी भर दी है, जिसके कारण शनिवार को विजिबिलिटी दृश्यता काफी कम रही। तापमान: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन 15-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है। यातायात: घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं।

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति

मैदानी राज्यों में ठंड का सबसे ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में देखा जा रहा है।पंजाब-हरियाणा: यहां कई शहरों में पारा 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ‘घना से बहुत घना’ कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे विजिबिलिटी शून्य रह सकती है।राजस्थान: मरुधरा में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ है। ने कई जिलों में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। फतेहपुर और चूरू जैसे इलाकों में तापमान 0 से 5 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

विशेषज्ञों की राय: कब मिलेगी राहत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बनी है।अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का यही कड़ा रुख बना रहेगा। 27-28 जनवरी के बाद ही तापमान में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है। तब तक शीतलहर और पाला पड़ने की संभावना बनी रहेगी।प्रवक्ता सावधानी की अपील: प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे लंबी दूरी की यात्रा से बचें और विशेषकर रात व सुबह के समय वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें।
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