Vice President Election: राधाकृष्णन या सुदर्शन रेड्डी किसका साथ देंगे ओवैसी?
– AIMIM चीफ ने कर दिया स्पष्ट

Vice President Election: उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होने है। इसी बीच एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे उपराष्ट्रपति चुनाव में किस गठबंधन के प्रत्याशी को वोट देंगे। ओवैसी ने कहा कि वे उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया गठबंधन का साथ देंगे। उन्होंने कहा कि वो और उनकी पार्टी इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी को अपना वोट देंगे।
एक्स पर किया पोस्ट
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- तेलंगाना सीएमओ ने आज मुझसे बात की और अनुरोध किया कि हम उपराष्ट्रपति के रूप में न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करें। हमारी पार्टी न्यायमूर्ति रेड्डी, जो एक हैदराबादी और सम्मानित न्यायविद हैं, को अपना समर्थन देगी। मैंने भी न्यायमूर्ति रेड्डी से बात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।
.@TelanganaCMO spoke to me today and requested that we support Justice Sudershan Reddy as Vice President. @aimim_national will extend its support to Justice Reddy, a fellow Hyderabadi and a respected jurist. I also spoke to Justice Reddy and expressed our best wishes to him.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 6, 2025
तेलंगाना सीएम ने ओवैसी को कहा धन्यवाद
इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी का समर्थन करने के बाद तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी को धन्यवाद कहा। उन्होंने एक्स पर लिखा-आपके समर्थन के लिए धन्यवाद, असदुद्दीन भाई। राष्ट्रीय हित में जस्टिस सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करने के लिए आपका स्वागत है।
राधाकृष्णन से होगा मुकाबला
बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की तरफ से महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को प्रत्याशी बनाया है। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 12 अगस्त को राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया था। वहीं इंडिया गठबंधन की तरफ से सुदर्शन रेड्डी को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रेड्डी को “गरीबों का समर्थक और आर्थिक व सामाजिक मुद्दों का चैंपियन” बताते हुए उनकी उम्मीदवारी को एक वैचारिक लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया।
कौन हैं सुदर्शन रेड्डी
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में वकालत शुरू की, सरकारी वकील रहे, और 1995 में स्थायी जज बने। 2005 में गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और 2007 में सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए। 2011 में सेवानिवृत्ति के बाद गोवा के पहले लोकायुक्त बने।
