March 8, 2026

भारत में भी भड़के Gen G, काटा बवाल.. BJP ऑफिस में आग, पुलिस पर हमला..

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पड़ोसी देश नेपाल में जेन जी के तख्तापलट का असर भारत पर भी दिखने लगा है। लद्दाख के लेह शहर में बुधवार को जेन जी ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने लेह स्थित बीजेपी ऑफिस पर हमला किया और आग लगा दी। इतना ही नहीं, पुलिस पर भी पथराव किया। इस दौरान सीआरपीएफ के एक वाहन को भी जला दिया गया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। छात्रों का ये प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में था। जो लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर अनशन पर थे।

‘लेह हिंसा में कांग्रेस का हाथ’, BJP के आरोप
Ladakh Protest: लद्दाख के लेह शहर में बुधवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 70 से ज्यादा घायल हो गए। ज़िला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगा दिए हैं। लेह में हुई हिंसा को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इस हिंसा में कांग्रेस पार्षद फुंटसोग स्टैनज़िन के शामिल होने का आरोप लगाया है। बीजेपी के इस आरोप पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया दी है।

सोनम वांगचुक ये बोले
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा- कांग्रेस का यहां इतना प्रभाव नहीं है कि वह 5000 युवाओं को सड़कों पर ला सके। एक कांग्रेस पार्षद कल गुस्से में अस्पताल पहुंच गए क्योंकि उनके गांव के दो लोग घायल अवस्था में अस्पताल लाए गए थे।

हिंसा : वांगचुक ने जताया दुख
सोनम वांगचुक ने कहा कि अनशन के 15वें दिन मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि लेह शहर में व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ हुई। कई कार्यालयों और पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई। कल, यहां 35 दिनों से अनशन कर रहे दो लोगों को बहुत गंभीर हालत में अस्पताल ले जाना पड़ा। इससे व्यापक आक्रोश फैल गया और आज पूरे लेह में पूर्ण बंद की घोषणा कर दी गई। हज़ारों युवा बाहर निकल आए। कुछ लोग सोचते हैं कि वे हमारे समर्थक हैं। पूरा लेह हमारा समर्थक है।

‘जेन- Z की क्रांति है’
उन्होंने आगे कहा कि यह जेनरेशन Z की क्रांति थी। वे पिछले 5 सालों से बेरोज़गार हैं। उन्हें नौकरियों से वंचित किया जा रहा है। मैंने हमेशा कहा है कि यही सामाजिक अशांति का नुस्खा है, युवाओं को बेरोज़गार रखना और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना। आज यहाँ कोई लोकतांत्रिक मंच नहीं है। छठी अनुसूची, जिसकी घोषणा और वादा किया गया था, उस पर ध्यान नहीं दिया गया। हालाँकि, अभी के लिए, मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूँ कि वे हिंसा के इस रास्ते पर न चलें क्योंकि यह मेरे पाँच साल के प्रयास। मैं इतने सालों से अनशन कर रहा हूँ, शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहा हूँ, और फिर हिंसा का रास्ता अपना रहा हूँ; यह हमारा रास्ता नहीं है। मैं युवा पीढ़ी से अनुरोध करता हूँ कि वे शांति के रास्ते सरकार तक पहुँचें।

समय: सरकार के साथ बातचीत करने का 
सोनम वांगचुक ने आगे कहा- मैं चाहता हूं कि सरकार शांति का संदेश सुने। जब वे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों और मार्चों की अनदेखी करते हैं, तो ऐसे हालात पैदा होते हैं। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह लद्दाख के बारे में संवेदनशील हो और युवा पीढ़ी से शांति के रास्ते पर चलने का आग्रह करे। यह (हिंसा का) रास्ता मेरा रास्ता नहीं है। यह उनके गुस्से का नतीजा है। लेकिन यह गुस्सा निकालने का समय नहीं है। यह सरकार के साथ शांति से बातचीत करने का समय है।

अमित मालवीय : क्या कहा
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- लद्दाख में दंगा कर रहा यह व्यक्ति अपर लेह वार्ड का कांग्रेस पार्षद फुंटसोग स्टैनज़िन त्सेपाग है। उसे भीड़ को उकसाते और भाजपा कार्यालय तथा हिल काउंसिल को निशाना बनाकर की गई हिंसा में शामिल होते हुए साफ़ देखा जा सकता है। क्या राहुल गांधी इसी तरह की अशांति की कल्पना कर रहे हैं?

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, लेह में हिंसक प्रदर्शन के बीच धारा- 163 लागू

Ladakh Statehood Protest: लद्दाख के लेह में बुधवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय पर हमला किया और आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। वहीं भीड़ ने CRPF के वाहन को भी आग लगा दी। छात्रों का यह प्रदर्शन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने को लेकर किया।

अनशन: सोनम वांगचुक ने तोड़ा 
बता दें कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे। बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया, साथ ही उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील भी की है। उन्होंने युवाओं से शांति बनाए रखने और हिंसा नहीं करने की अपील की है।

आंदोलन : गांधीवादी सिद्धांतों से होगा सफल
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि हमारा आंदोलन तभी सफल होगा जब यह शांति और गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित होगा। उन्होंने पुलिस से लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ती है तो इससे स्थिति बिगड़ सकती है।

लेह : धारा- 163 लागू
शहर में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाने के लिए बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है। वहीं व्यवस्था बहाल करने के लिए लेह में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने किया था समिति का गठन
इससे पहले गृह मंत्रालय ने 2 जनवरी 2023 को लद्दाख में लंबे समय लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। बता दें कि समिति और एलएबी व केडीए के संयुक्त नेतृत्व के बीच 27 मई को आखिरी दौर की बातचीत हुई थी। इस बैठक के बाद लद्दाख में अधिवास नीति लागू हुई। उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हुई।

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