September 10, 2026

SIR में इन्फोसिस फाउंडर नीलेकणी सहित कई हस्तियों के नाम अटके, भेजे नोटिस….

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बेंगलुरु।
भारत (India) के कई राज्यों में SIR यानी मतदाता सूची (Electoral Roll) का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) जारी है, जिनमें कर्नाटक भी शामिल है। खबर है कि कई बड़ी हस्तियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिनमें इन्फोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani), एक्टर शिवराजकुमार और जेरोधा के फाउंडर कामत ब्रदर्स यानी नितिन और निखिल शामिल हैं। अधिकारियों ने इन नोटिस पर हैरानी जताई है और जांच की बात कही है। खास बात है कि इन नोटिसों की बात ऐसे समय पर आई है, जब भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव का नाम चिह्नित किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। जबकि, अधिकारियों का कहना है कि कोई नोटिस नहीं दिया गया है।

हाल ही में पंजाब में हुए SIR में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम कटने पर भी जमकर सियासी बवाल हुआ था। चड्ढा ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर बदले की कार्रवाई के आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया था।

एक रिपोर्ट में अनिवाश नाम के एक एक्स यूजर के हवाले से बताया गया है कि नितिन और निखिल कामत और उनके माता-पिता के नाम मेल नहीं खा रहे हैं। इस वजह से उनका नाम चिह्नित किया गया है। जबकि, नीलेकणी को अनमैप्ड बताया गया है। खास बात है कि उन्होंने भारत में आधार की शुरुआत में बड़ी भूमिका निभाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु जिला निर्वाचन अधिकारी और जीबीए मुख्य आयुक्त माहेश्वर राव से नोटिस को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘यह हैरानी की बात है और हम इसकी जांच करेंगे।’


पीएम मोदी ने सौंपी है बड़ी जिम्मेदारी

जुलाई में छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हाई पावर टास्क फोर्स गठित की थी, जिसकी कमान नीलेकणी को सौंपी गई थी। इस टास्क फोर्स का काम NTA की तरफ से कराई जाने वाली परीक्षाओं में सुधार का था। उनके साथ पूर्व इसरो चीफ एस सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका समेत कई बड़े नाम शामिल थे।


कई बड़ी हस्तियों के नाम शामिल

अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई और हस्तियों के नाम भी चुनावी रिकॉर्ड 2002 की पुरानी डेटाबेस सूची से सीधे मेल नहीं खा रहे हैं। अभिनेता शिवराजकुमार को अनमैप्ड श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि उनके पते की जानकारी नहीं मिल सकी है। उनका वर्तमान चुनावी डेटा 2002 की सूची से सीधे लिंक नहीं हो पा रहा था। शिवराजकुमार के मामले में उनके पिता का नाम दिवंगत मुथुराज दर्ज है, जो महान अभिनेता डॉक्टर राजकुमार का वास्तविक नाम है।

अभिनेता प्रकाश राज के नाम काटे जाने के दावों को खारिज करते हुए अधिकारी कार्यालय ने साफ किया कि उनका नाम शांतिनगर निर्वाचन क्षेत्र की सूची में है।


क्या कट जाएंगे नाम

चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन मतदाताओं को अयोग्य नहीं पाया गया है और न ही उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यह समस्या केवल 2002 के पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान पहचान के बीच नाम, माता-पिता के नाम की जानकारी या स्पेलिंग में अंतर के कारण आई है। 4 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि ऐसे मतदाताओं को 43.81 लाख से अधिक नोटिस तैयार किए गए हैं, जिनमें से 7.31 लाख से अधिक नोटिस दिए जा चुके हैं।


भारत रत्न राव को नहीं दिया नोटिस

बेंगलुरु चुनाव अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि राव को नोटिस नहीं दिया गया है। दरअसल, उनका नाम 2002 की मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र की सूची में केवल रामा के रूप में दर्ज था। जबकि वर्तमान में उनका नाम प्रो सीएन राव एम दर्ज है। अधिकारियों का कहना है कि बीएलओ ने खुद उनके घर जाकर विवरण जुटाया और उनका नाम अंतिम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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