March 8, 2026

MP के सतना में फिर सामने आया देश का सबसे गरीब, परिवार की सालाना आय शून्य रुपये

0

सतना। भारत (India) की 140 करोड़ की आबादी में शायद ही किसी को यह यकीन हो कि किसी इंसान की सालाना कमाई ‘शून्य रुपये (Annual Income Rs 0) भी हो सकती है। लेकिन मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) का सतना जिला (Satna district) इन दिनों इसी कारण से पूरे देश की नजरों में है। तीन दिनों के भीतर जिले में दो ऐसे ‘गरीब’ नागरिक सामने आए हैं। जिनके परिवार की सालाना कमाई इनकम सर्टिफिकेट में या तो तीन रुपए या जीरो रुपए है।

दरअसल उचेहरा तहसील के अमदरी गांव के रहने वाले संदीप कुमार नामदेव को जो आय प्रमाण पत्र 7 अप्रैल 2025 को मिला था। उसमें उनके परिवार वार्षिक आय 0 रुपये दर्ज है। दस्तावेज पर प्राधिकृत अधिकारी रविकांत शर्मा के साइन है और यही दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जो अब देशभर में चर्चा में है।

वही, इस पूरे मामले में परियोजना अधिकारी रविकांत शर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि दस्तावेजों में गलती पाए जाने पर 20 जुलाई को संदीप का आय प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद जांच और सुधार की प्रक्रिया पूरी कर उसे 40,000 रुपए वार्षिक आय का नया प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया है।कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए लोकसेवक कंप्यूटर ऑपरेटरों को पूरी तरह प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब हो कि इसी जिले की कोठी तहसील में रहने वाले रामस्वरूप पिता श्यामलाल को 22 जुलाई को जो आय प्रमाण पत्र मिला था उसमें उनकी वार्षिक कमाई तीन रुपए बताई गई थी।तीन रुपए यानी हर महीने की आय 25 पैसे से भी कम थी।बाद में अधिकारियों ने यह कहकर मामला समेट दिया कि यह तो सिर्फ एक क्लरिकल एरर है और फिर नया प्रमाण पत्र बनाकर 30,000 रुपये सालाना की आय दिखा दी।

सोशल मीडिया पर वायरल गलत आय प्रमाण पत्रों को लेकर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने संज्ञान लिया है। तहसील कोठी और उचेहरा के प्राधिकृत अधिकारियों और लोक सेवा केंद्र संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों गलत प्रमाण पत्र निरस्त कर ठीक कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए लोक सेवा केंद्र कर्मचारियों और अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि गलत स्व-घोषणाएं क्यों और कैसे स्वीकार हो रही हैं। प्रमाण पत्र जारी करने से पहले आवेदन और घोषणा पत्र का तर्कसंगत परीक्षण जरूरी होगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *