March 8, 2026

MP के कटनी में एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर में से एक बनकर तैयार… स्पीड ट्रायल रहा सफल

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कटनी। एशिया के सबसे लंबे ग्रेड सेपरेटर पुल (Asia’s Longest grade Separator Bridge) में से एक मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni district) में बनकर तैयार हो गया है, जिसके बाद गुरुवार को उस पर स्पीड ट्रायल (Speed trial) करने के लिए उस पर से 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से मालगाड़ी को निकाला गया। इस दौरान भारतीय रेलवे का यह परीक्षण बिल्कुल सफल रहा। इस बारे में जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कटनी में एशिया के सबसे लंबे, नवनिर्मित ग्रेड सेपरेटर पुल पर 130 किमी प्रति घंटे की गति का सफल परीक्षण। यह ग्रेड सेपरेटर पिछले पांच साल से बन रहा है और फिलहाल इसकी डाउन लाइन का काम पूरा हो चुका है।

कटनी जिले में बिलासपुर और सिंगरौली रेल खंड से दमोह-सागर रूट पर 33.4 किमी लंबे अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर का निर्माण किया जा रहा है। डाउन लाइन की 17.52 किमी लंबी रेल लाइन, सिग्नल और अन्य तकनीकी कार्यों की जांच के बाद रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) की मौजूदगी में स्पीड ट्रायल सफल रहा।

दरअसल कटनी में बने इस ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मण्डल में किया गया है। रेल परियोजनाओं में कटनी ग्रेड सेपरेटर पश्चिम मध्य रेल की प्रतिष्ठित परियोजना में से एक है। इस परियोजना की लागत लगभग 1248 करोड़ रुपए है। अप ग्रेड सेपरेटर की लम्बाई 16 किमी एंड डाउन ग्रेड सेपरेटर की लम्बाई 18 किमी सहित ग्रेड सेपरेट कुल लंबाई 34 किलोमीटर है। इस कुल लम्बाई के पुल में वॉयडक्ट (18 किमी), रिटेनिंग वॉल (3 किमी), अर्थवर्क (13 किमी) के साथ अप एंड डाउन ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य किया गया है।

ग्रेड सेपरेटर परियोजना के निर्माण की मुख्य विशेषता यह है कि कटनी और कटनी मुड़वारा और न्यू कटनी जंक्शन के व्यस्त यार्ड को पार करने के लिए एलिवेटेड वायाडक्ट उपयोगी साबित होगी। इस ग्रेड सेपरेटर में वायाडक्ट (पुल) की कुल लंबाई 18 किलोमीटर है। अप ग्रेड सेपरेटर में कुल 260 स्पैन और डाउन ग्रेड सेपरेटर में 411 स्पैन हैं।

कटनी-सिंगरौली रेल दोहरीकरण परियोजना के तहत 257 किलोमीटर की रेल दोहरीकरण परियोजना जिसमें ग्रेड सेपरेटर प्रोजेक्ट भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है, कटनी-सिंगरौली रेल दोहरीकरण परियोजना के तहत पिछले साल एक वर्ष में 100 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का रिकॉर्ड बनाया गया था।

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