प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचा मेरठ का परिवार, बेटे प्रिंस की फोटो लेकर मां ने लगाई वापसी की गुहार
पूनम ने बताया कि प्रिंस के वापस नहीं आने के बाद परिवार ने मामले की शिकायत मथुरा पुलिस से भी की थी। इसके बावजूद अब तक बेटे का पता नहीं चला है। परिजन लगातार मेरठ और वृंदावन के बीच आ-जा रहे हैं और उसकी तलाश कर रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि जिस तरह अनुज और मयंक की सकुशल बरामदगी हुई, उसी तरह उनका बेटा प्रिंस भी उन्हें मिल सकता है। इसी उम्मीद के साथ परिवार आश्रम के बाहर पहुंचा और लोगों से बेटे की वापसी में मदद की गुहार लगाई।
वहीं, झारखंड से 17 वर्षीय एक किशोर भी बिना बताए वृंदावन पहुंच गया और प्रेमानंद महाराज के केलि कुंज आश्रम में जाकर संत से दीक्षा लेने की इच्छा जताई। किशोर की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए आश्रम प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे सुरक्षित रमणरेती पुलिस चौकी ले गई और उसके परिजनों से संपर्क किया। आश्रम के बाहर पिछले कुछ दिनों से लापता बच्चों के परिजनों के पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।
सोमवार को प्रिंस की तलाश में आश्रम पहुंचे मेरठ के परिवार को बाहर मौजूद भक्तों की भीड़ से नोकझोंक का सामना भी करना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस ने अभद्रता करने के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया। पिछले दो दिनों से आश्रम के बाहर इसी तरह का माहौल बना हुआ है। इस बीच संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चैनल चलाने वाले एक पत्रकार का पुतला भी फूंका। भक्तों का आरोप है कि पत्रकार संत की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। संत के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद सामने आ रही खबरों को लेकर भक्तों में आक्रोश बताया गया है।
आश्रम से जुड़े विवाद के बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दो गुटों में बंटे आश्रम के शिष्य परिकर की ओर से प्रचार के लिए पैसे देकर एक मशहूर हस्ती को आश्रम बुलाया गया था। उन्होंने आश्रम से जुड़े लोगों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मेरठ का परिवार अपने बेटे प्रिंस की तलाश में आश्रम पहुंचा और उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद जताई।
