मेरठ के आसमान में 19-20 सितंबर को वायुसेना के नौ हॉक विमान दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब
पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ेंगे विमान
सूर्यकिरण टीम के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत विमानों के बीच सटीक तालमेल है। नौ हॉक एमके-132 विमान बेहद कम दूरी पर एक साथ उड़ान भरते हुए फॉर्मेशन बनाएंगे। कई करतबों के दौरान विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रहती है। इतनी कम दूरी पर उड़ान के लिए पायलटों के बीच जबरदस्त समन्वय, अनुशासन और भरोसे की जरूरत होती है।
इन हॉक विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में लाइसेंस के तहत किया है।
तिरंगे के रंगों से रंगेगा आसमान
मेरठ एयर शो का एक खास आकर्षण रंगीन धुएं से बनने वाली तिरंगे की छटा होगी। हॉक एमके-132 विमानों में भारतीय वायुसेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विकसित किए गए स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इनके जरिए विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें छोड़ते हुए फॉर्मेशन बनाएंगे।
1996 में हुआ था सूर्यकिरण का गठन
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का गठन 1996 में हुआ था। टीम अब तक देशभर में 800 से ज्यादा हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई और दुबई के एयर शो में भी टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन कर चुकी है।
सूर्यकिरण को भारतीय वायुसेना का ‘एंबेसडर’ भी कहा जाता है। इसके प्रदर्शन का उद्देश्य सिर्फ लोगों को रोमांचित करना नहीं, बल्कि युवाओं को वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभालेंगे कमान
सूर्यकिरण टीम की कमान Su-30 MKI पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभाल रहे हैं। टीम के हर प्रदर्शन में उड़ान की सटीकता, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता को प्राथमिकता दी जाती है।
अपने ही शहर के ऊपर उड़ेंगे मेरठ के पायलट
मेरठ में होने वाला प्रदर्शन टीम के कुछ पायलटों के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद खास होगा। मेरठ के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह अपने ही शहर के आसमान में सूर्यकिरण फॉर्मेशन का हिस्सा बनकर उड़ान भरेंगे।
टीम के सदस्य स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल भी इस प्रदर्शन में उनके साथ मौजूद रहेंगे। अपने शहर के ऊपर सूर्यकिरण के फॉर्मेशन में उड़ान भरना इन पायलटों के लिए गौरव का क्षण होगा।
युवाओं को मिलेगा वायुसेना को करीब से समझने का मौका
सूर्यकिरण का प्रदर्शन केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहेगा। सशस्त्र बलों में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भारतीय वायुसेना की कार्यशैली, अनुशासन और पेशेवर मानकों को करीब से समझने का अवसर भी होगा।
दो दिन याद रखेगा मेरठ
19 और 20 सितंबर को नौ हॉक विमान एक साथ आसमान में सटीक फॉर्मेशन बनाएंगे और तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाएंगे। मेरठ में पहली बार होने वाला सूर्यकिरण का यह प्रदर्शन शहरवासियों के लिए यादगार अनुभव बनने की उम्मीद है।
यह आयोजन मेरठ के लिए सिर्फ एक एयर शो नहीं होगा, बल्कि भारतीय वायुसेना के साहस और उत्कृष्टता के साथ शहर से जुड़े पायलटों की उपलब्धि का भी जश्न होगा।
