March 8, 2026

गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सरकार का बड़ा कदम… 90 दिनों तक काम… पेंशन की भी व्यवस्था

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नई दिल्ली।
भारत सरकार (Government of India) ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Social Security Code, 2020) के तहत गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों (Gig and platform workers) के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभों को ध्यान में रखते हुए नए मसौदा नियमों का प्रस्ताव दिया है। ये नियम 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य जोमैटो, स्विगी, ओला और उबर जैसे एग्रीगेटर्स के साथ काम करने वाले लाखों श्रमिकों को स्वास्थ्य, जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सुरक्षा प्रदान करना है।

मसौदा नियमों के अनुसार, लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों को एक विशिष्ट अवधि के लिए कार्य करना अनिवार्य होगा। यदि कोई श्रमिक केवल एक ही प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ा है, तो उसे एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 90 दिनों तक काम करना होगा। यदि श्रमिक एक से अधिक प्लेटफॉर्म (जैसे सुबह ओला और शाम को स्विगी) पर काम करता है, तो कुल कार्य अवधि कम से कम 120 दिन होनी चाहिए।

काम की गिनती उस दिन से शुरू होगी जब श्रमिक पहली बार आय अर्जित करता है, चाहे राशि कितनी भी हो। यदि कोई व्यक्ति एक ही दिन में तीन अलग-अलग एग्रीगेटर्स के साथ काम करता है, तो उसे नियमों के अनुसार तीन दिन का काम माना जाएगा।

रजिस्ट्रेशन और पहचान
सरकार ने इन लाभों को सुव्यवस्थित करने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है। 16 वर्ष से अधिक आयु के सभी गिग श्रमिक पंजीकरण के पात्र हैं। लाभ प्राप्त करने की अधिकतम आयु 60 वर्ष तय की गई है। ई-श्रम पोर्टल के जरिए सभी श्रमिकों का आधार-लिंक्ड रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। सरकार प्रत्येक पात्र श्रमिक को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और एक डिजिटल पहचान पत्र जारी करेगी। आधार-लिंक्ड UAN होने के कारण श्रमिक यदि प्लेटफॉर्म बदलते हैं, तो भी उनके लाभ निरंतर बने रहेंगे।


पेंशन से बीमा तक की व्यवस्था

श्रमिकों के स्वास्थ्य और चिकित्सा के लिए ‘आयुष्मान भारत’ योजना के साथ एकीकरण किया जाएगा। जीवन बीमा और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की भी सुविधा होगा। भविष्य में एक ऐसी पेंशन योजना का प्रस्ताव है जिसमें प्लेटफॉर्म और श्रमिक दोनों का अंशदान शामिल होगा। मातृत्व लाभ (Maternity Benefits) और बच्चों के लिए क्रेच की भी सुविधा होगी।


राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड

नियमों में एक ‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड’ के गठन का भी प्रावधान है। केंद्र और राज्य सरकारों के नामित अधिकारी इसमें शामिल होंगे। असंगठित क्षेत्र के श्रमिक संघों से 5 प्रतिनिधि शामिल होंगे। एग्रीगेटर संघों से भी 5 प्रतिनिधि को जगह दी जाएगी। लोकसभा, राज्यसभा और अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रतिनिधि को भी जगह।


बोर्ड के मुख्य कार्य

गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की संख्या का आकलन करना। नए प्रकार के एग्रीगेटर्स की पहचान करना। इसके अलावा, कल्याणकारी नीतियों की निगरानी और सिफारिश करना। यदि कोई श्रमिक पिछले वित्तीय वर्ष में निर्धारित 90/120 दिनों की कार्य अवधि पूरी नहीं कर पाता है, तो वह लाभ के लिए अपात्र हो जाएगा। 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद सामाजिक सुरक्षा लाभ समाप्त हो जाएंगे। इन मसौदा नियमों पर वर्तमान में जनता से राय मांगी गई है, जिसके बाद मार्च 2026 तक अंतिम अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।

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