TVK शक्ति परीक्षण में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन से विजय सरकार मजबूत
इस शक्ति परीक्षण में कई राजनीतिक दलों की भूमिका निर्णायक रही। कांग्रेस, वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगी दलों ने सरकार के पक्ष में समर्थन जताया, जिससे सत्ता पक्ष की स्थिति को मजबूती मिली। वहीं कुछ दलों ने मतदान में तटस्थ रुख अपनाया, जिससे राजनीतिक समीकरणों में संतुलन बना रहा।
सदन में पट्टाली मक्कल काची ने मतदान से दूरी बनाने का फैसला किया, जिससे संख्या बल पर असर पड़ा। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी तटस्थ रहने का रुख अपनाया, जिससे इस शक्ति परीक्षण में विपक्ष की रणनीति अलग नजर आई।
सरकार के पास मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 107 विधायकों का समर्थन मौजूद था, जिसमें अध्यक्ष मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं होते। एक विधायक की स्थिति कानूनी कारणों से मतदान से बाहर रही, जिससे कुल संख्या पर प्रभाव पड़ा और बहुमत का गणित और जटिल हो गया।
इसी बीच अन्नाद्रमुक के भीतर भी स्पष्ट विभाजन देखने को मिला। पार्टी के कुछ विधायकों ने सरकार के पक्ष में जाने का फैसला किया, जबकि बाकी ने विरोध का रुख अपनाया। इस आंतरिक मतभेद ने सदन की राजनीतिक तस्वीर को और अधिक जटिल बना दिया।
दल-बदल कानून को लेकर भी सदन में चर्चाओं का दौर चलता रहा, क्योंकि कुछ विधायकों के रुख ने पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती खड़ी कर दी। इससे यह स्पष्ट हो गया कि आने वाले समय में राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।
