May 25, 2026

गुलमर्ग रोपवे में बड़ा संकट: एशिया के सबसे ऊंचे केबल सिस्टम पर हवा में फंसे 300 पर्यटक, सेना और प्रशासन का युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान जारी

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एशिया के सबसे ऊंचे और चर्चित रोपवे सिस्टम में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। खराबी के चलते गोंडोला सेवा बीच संचालन में ही रुक गई और केबल कार के कई डिब्बे हवा में ठहर गए। इस घटना के बाद करीब 300 पर्यटक बीच आसमान में फंस गए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों और पर्यटकों के बीच डर और बेचैनी का माहौल बन गया। घटना ने कुछ समय के लिए पूरे इलाके में तनाव जैसी स्थिति पैदा कर दी।

घटना के बाद पर्यटकों के बीच घबराहट तेजी से बढ़ती दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक रोपवे रुकने के कारण कई लोग घबरा गए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा डर का माहौल देखा गया। कई यात्रियों ने मदद के लिए आवाज लगाई, जबकि कुछ लोग मानसिक रूप से काफी परेशान नजर आए। अचानक हुई इस तकनीकी बाधा ने पर्यटकों के रोमांच को कुछ ही मिनटों में चिंता और भय में बदल दिया।

मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल सक्रियता दिखाई और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। सेना, पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, ताकि हवा में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। बचाव कार्य के दौरान विशेषज्ञ टीमों की मदद ली जा रही है और पूरे ऑपरेशन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों द्वारा मौके की स्थिति पर नजर बनाए रखी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए हैं। बचाव अभियान की निगरानी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कर रहे हैं और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी केबिन सुरक्षित बताए गए और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेजी से जारी हैं। प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय संयम बनाए रखने की अपील भी की है।

गुलमर्ग का यह रोपवे देश ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे ऊंचे और लंबे केबल कार प्रोजेक्ट्स में शामिल माना जाता है। यह पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय आकर्षण का केंद्र रहा है और हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। दो चरणों में संचालित यह रोपवे ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पर्यटकों को पहुंचाता है। हालांकि इस तकनीकी खराबी ने सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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