March 9, 2026

कर्नाटक में गन कल्चर का 'विवादित' शो: कांग्रेस विधायक का पिस्टल संग वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच, उठ रहे गंभीर सवाल

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नई दिल्ली। डिजिटल युग में ‘रील’ बनाने का शौक अब जनप्रतिनिधियों के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है। ताजा मामला कर्नाटक के कलबुर्गी जिले से सामने आया है, जहाँ एक पारिवारिक समारोह के दौरान कांग्रेस विधायक मतीन पटेल का कथित तौर पर हथियार लहराते हुए डांस करने का वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैली इस रील ने न केवल विधायक की कार्यशैली पर उंगलियां उठाई हैं, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों में हथियार प्रदर्शन और बढ़ती गन कल्चर पर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

सामने आई वायरल वीडियो क्लिप किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगती। इसमें विधायक मतीन पटेल एक चमचमाती काली एसयूवी से टशन में उतरते दिखाई देते हैं। इसके बाद वे फिल्म ‘धुरंधर’ के एक लोकप्रिय गाने पर पिस्टल जैसी दिखने वाली वस्तु हाथ में लेकर थिरकते नजर आते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि वीडियो में उनके पीछे खड़े कुछ समर्थक भी हाथों में बंदूक जैसी वस्तुएं थामे हुए हैं। जैसे ही यह क्लिप इंटरनेट पर आई, नेटिजन्स ने इसे गैर-जिम्मेदाराना आचरण करार देते हुए विधायक की जमकर क्लास लगा दी। लोगों का तर्क है कि एक जनप्रतिनिधि, जिसका काम कानून की रक्षा और समाज को सही दिशा देना है, उसका इस तरह हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन करना बेहद खतरनाक संदेश देता है।

मामला जब सियासी गलियारों में गर्म हुआ और चौतरफा घिरने लगे, तो विधायक मतीन पटेल ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु कोई असली हथियार नहीं, बल्कि एक ‘खिलौना बंदूक’ थी। उनके अनुसार, यह पूरी प्रस्तुति एक निजी पारिवारिक कार्यक्रम का हिस्सा थी, जहाँ उन्होंने बच्चों की जिद पर फिल्म के एक काल्पनिक किरदार की तरह कपड़े पहने और एक्ट किया था। पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो को गलत संदर्भ में फैलाकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है और वे इस बारे में पुलिस को अपना पक्ष रख चुके हैं।

हालांकि, पुलिस इस दलील को आसानी से स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रही है। कलबुर्गी शहर के पुलिस आयुक्त शरणप्पा एस डी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस अब इस बात का वैज्ञानिक सत्यापन कर रही है कि वीडियो में इस्तेमाल हुए हथियार असली थे या वाकई खिलौने। साथ ही, उस स्थान और क्षेत्र की भी शिनाख्त की जा रही है जहाँ यह वीडियो शूट हुआ था।

पुलिस आयुक्त ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि यदि जांच में हथियार असली पाए जाते हैं, तो उनके लाइसेंस की वैधता और नियमों के उल्लंघन की गहनता से पड़ताल की जाएगी। यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या सार्वजनिक सुरक्षा के नियमों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि क्या सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और फेम के लिए जनप्रतिनिधियों को अपनी मर्यादा और कानूनी सीमाओं को ताक पर रख देना चाहिए? फिलहाल, सबकी निगाहें पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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