September 1, 2026

मुंबई में महंगाई का डबल झटका, CNG-PNG के साथ ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा

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नई दिल्ली। मुंबई में एक सितंबर से आम लोगों की जेब पर महंगाई का दोहरा असर पड़ा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी और घरेलू पीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया भी बढ़ गया है। दोनों बढ़ोतरी एक सितंबर से लागू हो गई हैं।

CNG 2 रुपये और PNG 1 रुपये महंगी

MGL के मुताबिक, मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलो बढ़कर 88 रुपये प्रति किलो हो गई है। घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम में भी 1 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी की गई है।

कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को वजह बताया है। MGL के अनुसार, इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ी हैं। सीएनजी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महंगे दाम पर आयातित स्पॉट RLNG का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

इस बढ़ोतरी का असर मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और धाराशिव के अलावा कर्नाटक के चित्रदुर्ग और दावणगेरे में MGL के नेटवर्क से सीएनजी लेने वाले करीब 13 लाख वाहन मालिकों पर पड़ेगा। वहीं, करीब 30 लाख घरेलू PNG उपभोक्ताओं को भी अब ज्यादा भुगतान करना होगा।

ऑटो-टैक्सी का सफर भी हुआ महंगा

मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो और टैक्सी से सफर करने वालों के लिए भी किराया बढ़ गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो रिक्शा का न्यूनतम किराया 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 33 रुपये कर दिया है।

ऑटो के किराए में 1 रुपये और टैक्सी के किराए में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब टैक्सी का किराया 20.66 रुपये से बढ़कर 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है, जबकि ऑटो का किराया 17.14 रुपये से बढ़कर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है।

टैक्सी में पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 31 रुपये देने पड़ते थे, अब इसके लिए 33 रुपये चुकाने होंगे।

ड्राइवरों को मीटर अपडेट कराने के लिए नवंबर तक का समय

आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक, ड्राइवर अपने इलेक्ट्रॉनिक मीटर को नई दरों के अनुसार कैलिब्रेट करा सकते हैं। इसके अलावा आरटीओ से मंजूर किराया तालिका भी वाहन में प्रदर्शित की जा सकती है। मीटर को दोबारा कैलिब्रेट कराने के लिए ड्राइवरों को नवंबर के अंत तक का समय दिया गया है। तय अवधि में मीटर अपडेट नहीं कराने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

ज्यादातर ऑटो-टैक्सी CNG पर निर्भर

मुंबई महानगर क्षेत्र में 4.5 लाख से ज्यादा ऑटो रिक्शा और 50 हजार से अधिक काली-पीली टैक्सियां संचालित होती हैं। इनमें से अधिकांश वाहन सीएनजी से चलते हैं। ऐसे में ईंधन और किराया दोनों बढ़ने से यात्रियों के साथ-साथ ऑटो-टैक्सी चालकों पर भी खर्च का असर पड़ना तय है।

मुंबई में इससे पहले ऑटो और टैक्सी का किराया फरवरी 2025 में बढ़ाया गया था। करीब 18 महीने बाद एक बार फिर किराए में बढ़ोतरी की गई है।

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