19 हजार के लिए टूटी इंसानियत: बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई, अब बदली जिंदगी में मिला 15 लाख का सहारा
जानकारी के अनुसार, जीतू मुंडा की बड़ी बहन कलरा मुंडा के बैंक खाते में करीब 19,400 रुपए जमा थे। बहन की मौत 26 जनवरी को बीमारी के कारण हो गई थी। परिवार का आरोप है कि उनके पास जीवनयापन का कोई और साधन नहीं था और यही पैसे आखिरी सहारा थे।
बैंक परिसर में इस घटना से हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जीतू को समझाकर कंकाल को वापस अंतिम संस्कार के लिए भेजा।
इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था, गरीबी और मानवीय संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ नियमों की जटिलता सामने आई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक संवेदनहीनता को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि आखिर किस स्तर पर चूक हुई, जिससे एक व्यक्ति को इतनी दर्दनाक स्थिति का सामना करना पड़ा।यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि सिस्टम और इंसानियत दोनों को झकझोर देने वाली सच्चाई बनकर सामने आई है।
