May 9, 2026

19 हजार के लिए टूटी इंसानियत: बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई, अब बदली जिंदगी में मिला 15 लाख का सहारा

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नई दिल्ली। ओडिशा के क्योंझर जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 52 वर्षीय जीतू मुंडा अपनी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए उसका कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। यह घटना दियानाली गांव की है और अब पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, जीतू मुंडा की बड़ी बहन कलरा मुंडा के बैंक खाते में करीब 19,400 रुपए जमा थे। बहन की मौत 26 जनवरी को बीमारी के कारण हो गई थी। परिवार का आरोप है कि उनके पास जीवनयापन का कोई और साधन नहीं था और यही पैसे आखिरी सहारा थे।

दस्तावेजों की कमी का हवाला देते हुए टाल दिया।
27 अप्रैल को जब जीतू पैसे निकालने बैंक गया, तो उसके अनुसार बैंक कर्मचारियों ने पहचान और दस्तावेजों की कमी का हवाला देते हुए उसे टाल दिया। इसी दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि वह अपनी बहन की कब्र खोदकर उसका कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया।

बैंक परिसर में इस घटना से हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जीतू को समझाकर कंकाल को वापस अंतिम संस्कार के लिए भेजा।

दोनों का जीवन सरकारी सहायता और सीमित आमदनी पर निर्भर
ग्रामीणों के मुताबिक, जीतू और उसकी बहन बेहद गरीब स्थिति में रहते थे। दोनों का जीवन सरकारी सहायता और सीमित आमदनी पर निर्भर था। बहन की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया था।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से जीतू को करीब 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही उसके रहने और बुनियादी जरूरतों की व्यवस्था भी की गई है।

इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था, गरीबी और मानवीय संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ नियमों की जटिलता सामने आई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक संवेदनहीनता को लेकर भी बहस तेज हो गई है।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि आखिर किस स्तर पर चूक हुई, जिससे एक व्यक्ति को इतनी दर्दनाक स्थिति का सामना करना पड़ा।यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि सिस्टम और इंसानियत दोनों को झकझोर देने वाली सच्चाई बनकर सामने आई है।

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