August 23, 2026

सीमा पार अफीम तस्करी और ड्रग्स के बदले हथियार भेजने वाले नेटवर्क के चार कथित सदस्य गिरफ्तार, फंडिंग कनेक्शन की जांच

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग्स के बदले हथियारों की आपूर्ति से जुड़े एक कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के तार नामित खालिस्तानी आतंकवादी अरशदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला से जुड़े हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में चार कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 5.138 किलोग्राम अफीम बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की भी कोशिश की जा रही थी। जांच में ड्रग्स की तस्करी और हथियारों की आपूर्ति के बीच कथित संबंध सामने आया है। बताया जा रहा है कि नेटवर्क सीमा पार से अफीम की तस्करी करता था और इसके बदले हथियार भेजने की गतिविधियों में भी शामिल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

क्राइम ब्रांच की द्वारका यूनिट ने यह कार्रवाई की। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए चारों कथित सदस्यों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और नेटवर्क के दूसरे हिस्सों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि बरामद नशीले पदार्थों को कहां से लाया गया था और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा हथियारों की कथित आपूर्ति से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

नार्को-टेरर नेटवर्क में नशीले पदार्थों की तस्करी से हासिल धन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किए जाने का आरोप है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां तस्करी के रास्तों, आर्थिक लेनदेन, संपर्कों और सीमा पार मौजूद नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। दिल्ली में सामने आया यह मामला भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित कथित नेटवर्क से जोड़कर जांच शुरू की है।

पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है। जांच एजेंसियों के लिए इस तरह के नेटवर्क का पता लगाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नशीले पदार्थों से मिलने वाले धन का इस्तेमाल हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में किए जाने की आशंका रहती है।

फिलहाल गिरफ्तार चारों कथित आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकती है, ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना सामने लाई जा सके। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इस मॉड्यूल में कितने लोग सक्रिय थे और इसका संचालन किन स्थानों से किया जा रहा था।

पुलिस की जांच में यदि सीमा पार संपर्क, हथियारों की आपूर्ति और आतंकी फंडिंग से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल 5.138 किलोग्राम अफीम की बरामदगी और चार कथित सदस्यों की गिरफ्तारी को शुरुआती कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों, तस्करी के रास्तों और कथित आतंकी फंडिंग की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है।

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