March 8, 2026

ED के छापों के बाद कोलकाता से दिल्ली तक सियासी बवाल, TMC के 8 सांसद अमित शाह के दफ्तर के बाहर हिरासत में

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नई दिल्ली । कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर ईडी की छापेमारी के बाद राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है। यह छापेमारी पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टीके बीच राजनीतिक संघर्ष को और गहरा कर दिया है। इस पर टीएमसी और बीजेपी दोनों ही पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।

TMC के सांसदों ने मंगलवार, 9 जनवरी को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया, विरोध जताने के लिए। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए सांसदों ने ईडी की कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। इस दौरान TMC के प्रमुख नेताओं में से डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने टीएमसी के नेताओं, डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कुल आठ सांसदों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन उन्हें माहौल को देखते हुए बाद में रिहा कर दिया गया।

महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा, यह हमारे साथ अन्याय हो रहा है। हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी के सामने झुकने वाली नहीं हैं। गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया है। ईडी को हमारी पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी चुराने के लिए भेजा गया था। ममता बनर्जी शेरनी हैं और उन्होंने हमारी पार्टी की प्रॉपर्टी की रक्षा की है। हम बीजेपी को हराकर दिखाएंगे।

TMC सांसद शताब्दी रॉय ने भी तीखा हमला करते हुए कहा, कल पूरी दुनिया ने देखा कि गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया। ये सिर्फ चुनाव जीतने के लिए अपनी एजेंसियों को भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत सकते। वहीं, कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि BJP ने ग्यारह साल तक सही टेंडर जारी नहीं किए और अपनी पार्टी के लोगों को काम देकर उन्हें लूटने का मौका दिया।

टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रही है और यह सब असहमति को दबाने के लिए किया जा रहा है। TMC नेताओं का कहना है कि ईडी की छापेमारी को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, खासकर चुनावों से पहले। गौरतलब है कि ईडी ने कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धनशोधन की जांच के तहत कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए लगातार हमलावर हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक मैदान को और भी गरम कर दिया है, और दोनों प्रमुख दलों के बीच आगामी विधानसभा चुनावों में संघर्ष तेज हो गया है।

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