बंगाल में बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने पर FIR दर्ज, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बंगाल में हनुमंत कथा के दौरान दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय मांसाहारी भोजन को लेकर अपील की थी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक उन्होंने कहा था कि लोग नवरात्रि के दौरान मूर्ति रखें या नहीं रखें, लेकिन पूजा पंडालों के पास मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा था कि लोग चाहें तो अपने घरों में मांस खा सकते हैं। उनके मुताबिक दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के आसपास मांस और शराब की दुकानें बंद होनी चाहिए। उन्होंने मांसाहारी भोजन करने वाले हिंदुओं को लेकर भी टिप्पणी की थी। इन बयानों के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की ओर से विरोध शुरू हुआ।
कलकत्ता जिला कांग्रेस कमेटी के आठ सदस्य भवानीपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। कमेटी के प्रमुख प्रदीप प्रसाद ने बताया कि वे बाबा बागेश्वर की तस्वीर लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मौजूद किसी व्यक्ति ने तस्वीर नहीं जलाई। उनके अनुसार तस्वीर जलाने वाले लोग अलग थे।
प्रदीप प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि बंगालियों की छवि खराब करने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया जाता है। दूसरी ओर आसनसोल के कांग्रेस नेता प्रसेनजित ने कहा कि उन्होंने बुधवार को बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाकर विरोध किया था। इसके बाद आसनसोल साउथ पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।
इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी धार्मिक परंपराओं के साथ देशभक्ति, राष्ट्रवाद और अखंड भारत के विचार पर भी बात की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी परंपरा और संस्कृति की बात की है और जिसे इसे स्वीकार करना है, वह करे, जबकि जिसे स्वीकार नहीं करना है, वह न करे। उनके मुताबिक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने किसी पर अपनी बात नहीं थोपी। इसके बावजूद भवानीपुर थाने के सामने उनकी तस्वीर जलाए जाने पर मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त को मामले में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।
बाबा बागेश्वर के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब तस्वीर जलाने और उसके बाद दर्ज हुई FIR तक पहुंच गया है। एक तरफ उनके बयान को लेकर राजनीतिक विरोध सामने आया है, वहीं दूसरी ओर तस्वीर जलाने की घटना पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर दिया गया बयान अब राजनीतिक और कानूनी विवाद का विषय बन गया है।
