March 9, 2026

आज भी फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं NSA अजीत डोभाल

0
dobahal-1768200503
नई दिल्‍ली। आज के दौर में जहां मोबाइल फोन और इंटरनेट जीवन की अनिवार्य जरूरत बन चुके हैं, वहीं भारत के सबसे ताकतवर सुरक्षा विशेषज्ञों में से एक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनएसए (NSA) अजीत डोभाल ने अपनी एक अनूठी आदत से सबको चौंका दिया है। शनिवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के उद्घाटन सत्र में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि वे आज भी मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग नहीं करते हैं।

डोभाल ने कहा, “फोन और इंटरनेट ही संवाद के एकमात्र माध्यम नहीं हैं। संपर्क करने के ऐसे कई अन्य तरीके हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को पता तक नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल विशेष परिस्थितियों में ही फोन का उपयोग करते हैं, जैसे कि विदेश में रहने वाले लोगों या अपने परिवार से बात करने के लिए।

उन्होंने युवाओं को धैर्य का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि संदेश हमेशा ईमानदारी से संप्रेषित होने चाहिए, न कि प्रोपेगेंडा के माध्यम से।
कौन हैं अजीत डोभाल?
अजीत डोभाल भारत के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। 1945 में उत्तराखंड में जन्मे डोभाल केरल कैडर के रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं। उनके नाम कई ऐसी उपलब्धियां दर्ज हैं जो किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती हैं। वे भारत के इतिहास में ‘कीर्ति चक्र’ पाने वाले सबसे युवा पुलिस अधिकारी हैं। सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक की योजना बनाने और उन्हें सफलतापूर्वक अंजाम देने में उनकी मुख्य भूमिका रही है। डोकलाम विवाद को सुलझाने और पूर्वोत्तर भारत में उग्रवाद को खत्म करने में उन्होंने कड़ा रुख अपनाया।
पाकिस्तान में 7 साल ‘अंडरकवर’

अजीत डोभाल का करियर हैरतअंगेज कारनामों से भरा रहा है। कहा जाता है कि उन्होंने पाकिस्तान में एक ‘अंडरकवर’ एजेंट के रूप में 7 साल बिताए, जहां उन्होंने चरमपंथी समूहों की खुफिया जानकारी इकट्ठा की। इसके बाद उन्होंने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में 6 साल तक काम किया। 1971 से 1999 के बीच उन्होंने इंडियन एयरलाइंस के कम से कम 15 अपहरण मामलों को सुलझाया। 1999 के कुख्यात कंधार कांड (IC-814) में वे मुख्य वार्ताकारों में से एक थे। मिजोरम और पंजाब में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई।

युवा नेताओं को संबोधित करते हुए डोभाल ने भावुक होकर कहा कि भारत ने अपनी आजादी के लिए बहुत भारी कीमत चुकाई है। कई पीढ़ियों ने इसके लिए नुकसान और कठिनाइयां झेली हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारत के समृद्ध इतिहास और उसकी उन्नत सभ्यता से प्रेरणा लें और देश के मूल्यों, अधिकारों और विश्वासों के आधार पर एक शक्तिशाली भारत का निर्माण करें।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *