September 7, 2026

सत्य निकेतन इमारत हादसे में मृतकों की संख्या सात पहुंची, मालिक गिरफ्तार, MCD के पांच अधिकारी निलंबित हादसे के बाद

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नई दिल्ली । दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद होने के बाद मौतों का आंकड़ा सात पहुंचा। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहा। मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश और घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए बचाव दलों ने काफी प्रयास किया।

जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के दो छात्र भी शामिल हैं। कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत यादव दिल्ली में रहकर PGDI कोर्स कर रहा था। हादसे के बाद उसका शव मलबे से बरामद किए गए पांचवें शव के रूप में पहचाना गया। अक्षत की मौत की खबर सामने आने के बाद उसके परिवार में मातम छा गया। परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और पहचान तथा अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची।

हादसे में अर्पित नाम के एक अन्य छात्र की भी मौत हुई है। दोनों छात्रों के परिवारों के लिए यह घटना बेहद दुखद रही। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। प्रशासन की ओर से बचाव कार्य के साथ मृतकों की पहचान और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई।

शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि इमारत के बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य के कारण उसकी नींव कमजोर हुई होगी। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस निर्माण गतिविधियों, भवन की स्थिति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

मामले में पुलिस ने फरार चल रहे इमारत मालिक हरिराम बंसल गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। जांच में निर्माण कार्य की प्रकृति और इमारत की संरचनात्मक स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की है। MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, SE रणवीर सिंह और EE ललित कुमार गोयल समेत पांच अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सत्य निकेतन की घटना ने निर्माणाधीन या पुराने भवनों में सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गतिविधियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन अब हादसे की परिस्थितियों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटा है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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