July 23, 2026

NEET विवाद पर कांग्रेस ने बदली रणनीति, छात्र आंदोलन में बढ़ाई सक्रियता; सरकार पर संसद से सड़क तक बनाया दबाव

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नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। शुरुआत में आंदोलन से सीमित दूरी बनाए रखने वाली पार्टी अब खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आई है। संसद के भीतर से लेकर सड़क तक कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक मुकाबला और तीखा हो गया है।

शुरुआत में दूरी, बाद में बदला रुख

पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने देशभर में छात्रों से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत तो की, लेकिन जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन से खुद को अलग रखा। पार्टी के भीतर यह धारणा थी कि सीजेपी का आंदोलन राजनीतिक रूप से भाजपा को लाभ पहुंचाने वाला हो सकता है। हालांकि, सीजेपी की अपील पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा जंतर-मंतर पहुंचे, लेकिन उन्होंने केवल भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की।

पार्टी ने औपचारिक रूप से आंदोलन का समर्थन नहीं किया।

छात्र जुटे तो कांग्रेस ने बदली रणनीति

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संसद मार्च के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी और पूरे दिन चले विरोध प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि युवाओं में सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष है। इसके बाद पार्टी ने आंदोलन को अधिक सक्रियता से आगे बढ़ाने का फैसला किया।

रणनीति बदलने के साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद के भीतर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। राहुल गांधी ने सदन में इस मामले पर चर्चा कराने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की।

कानूनी सहायता का भी ऐलान

कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए छात्रों और युवाओं को कानूनी मदद उपलब्ध कराने की घोषणा भी की है।

पार्टी का कहना है कि आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र के साथ अन्याय होने पर उसकी हरसंभव सहायता की जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब इस आंदोलन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के पक्ष में है।

धरना, हिरासत और फिर रिहाई

मंगलवार को राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के निकट निषेधाज्ञा वाले क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कुछ घंटों तक हिरासत में रखने के बाद रात में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

राजनीतिक मुकाबला हुआ तेज

NEET पेपर लीक विवाद अब केवल शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह विपक्ष और सरकार के बीच बड़ा राजनीतिक संघर्ष बनता जा रहा है। कांग्रेस की सक्रियता के बाद संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना मानी जा रही है।

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