राम मंदिर दान विवाद पर कांग्रेस का केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा प्रहार, SIT रिपोर्ट सार्वजनिक करने समेत कई सवालों पर मांगा जवाब
कांग्रेस का कहना है कि यदि इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया था, तो उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। पार्टी के अनुसार, जब मामला देशभर के श्रद्धालुओं के विश्वास और दान से जुड़ा है, तब जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में किसी प्रकार की गोपनीयता नहीं बरती जानी चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच के निष्कर्ष देश के सामने लाए जाने आवश्यक हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय के दौरान राम मंदिर परिसर में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में चोरी के मामले सामने आए हैं, तो यह जानना भी जरूरी है कि पिछले वर्षों में कुल कितनी घटनाएं हुईं, कितना सामान गायब हुआ और दान में प्राप्त संपत्तियों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई थी। पार्टी ने मांग की कि पूरे रिकॉर्ड का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए ताकि किसी भी तरह की आशंका समाप्त हो सके।
जांच प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि कार्रवाई केवल सीमित स्तर तक की गई है, जबकि यदि किसी बड़े स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए और किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को केवल पद या प्रभाव के आधार पर जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। पार्टी का कहना है कि जब मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए विभिन्न एजेंसियां और सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, तब लगातार चोरी की घटनाओं के आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं। कांग्रेस ने निजी सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका और उसकी जवाबदेही तय करने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक हुई है तो उसकी स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि दान में प्राप्त आभूषणों, नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। पार्टी का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित प्रत्येक वस्तु का व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए ताकि किसी प्रकार का संदेह उत्पन्न न हो। इसके साथ ही पूरे चढ़ावे का स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट कराने की मांग भी दोहराई गई है।
पार्टी ने राज्य सरकार से SIT रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस का यह भी कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था या प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही हुई है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार अब तक इस पूरे विवाद पर स्पष्ट स्थिति रखने से बच रही है।
राम मंदिर को करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि इस तरह के किसी भी विवाद का समाधान केवल पारदर्शी जांच, जवाबदेही और तथ्यों को सार्वजनिक करने से ही संभव है। पार्टी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने और सभी संबंधित तथ्यों के सामने आने से ही श्रद्धालुओं का विश्वास और संस्थागत पारदर्शिता मजबूत हो सकेगी।
