June 27, 2026

केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'

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लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या में दर्शन व्यवस्था को लेकर सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब भगवान राम सबके हैं, तो फिर अलग-अलग नेताओं और श्रद्धालुओं के लिए अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं।

अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अयोध्या में अरविंद केजरीवाल को कैमरों और विशेष सुविधाओं के साथ दर्शन की अनुमति दी गई, जबकि कांग्रेस नेताओं और आम श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम लागू किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जब वह स्वयं रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे, तब वहां की व्यवस्था अलग थी।

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि आखिर राजनीतिक सुविधा के अनुसार नियम बदलने का क्या औचित्य है। उन्होंने इसे आस्था के केंद्र पर वीआईपी संस्कृति और दोहरी राजनीति करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह निंदनीय है।

दरअसल, अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा गबन मामले पर भी सवाल उठाए थे। उनके इस दौरे और बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिना नाम लिए केजरीवाल पर तीखा हमला बोला था। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्षों तक मौका दिया, लेकिन बदले में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास डबल इंजन सरकार की देन है और दिल्ली के नेताओं को यहां आकर विकास मॉडल देखना चाहिए।

सीएम योगी ने कहा कि यदि दिल्ली में भी इसी तरह विकास कार्य किए गए होते, तो राजधानी की तस्वीर भी आज अलग होती। उन्होंने अयोध्या के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा सरकार की उपलब्धि बताया।

केजरीवाल के अयोध्या दौरे के बाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार पर वीआईपी संस्कृति और भेदभाव का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्षी नेताओं के शासनकाल और कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। ऐसे में अयोध्या एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।

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