उत्तर प्रदेश में भेड़िए का आतंकबहराइच के मल्लाहनपुरवा में बच्चे का अपहरण
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज रेंज स्थित मल्लाहनपुरवा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई हैजहां एक भेड़िया एक घर में घुसकर चार माह के दुधमुंहे बच्चे को उठा ले गया। यह घटना शनिवार रात हुईजब किरन नामक महिला अपने बेटे सुभाष को गोद में लेकर दूध पिला रही थी। अचानक भेड़िया घर में घुस आया और पलभर में बच्चे को अपने जबड़ों में दबोचकर बाहर ले भागा। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मां को समझने का मौका ही नहीं मिलाऔर भेड़िया अंधेरे में गायब हो गया।
इस घटना ने गांव में दहशत और हड़कंप मचाया। मां की चीखें सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और बच्चे की तलाश में जुट गए। ग्रामीणों ने पूरी रात जंगलोंखेतों और आसपास के क्षेत्रों में बच्चे को ढूंढने की कोशिश कीलेकिन कोई सुराग नहीं मिला। टॉर्च और डंडों का सहारा लेकर रातभर खोजबीन की गईलेकिन भेड़िया और बच्चे का कोई पता नहीं चला।
रविवार सुबह जब खोजबीन जारी थीतब लगभग नौ बजे बच्चे के कुछ कपड़े गांव से एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में पड़े मिले। यह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बच्चे की मां और पिता का बुरा हाल हो गया। वे बेहाल हो गए और पूरे गांव में मातम और भय का माहौल फैल गया। इस घटना के बादग्रामीणों और परिवार वालों की बेचैनी और चिंता और बढ़ गई।
गांववाले अब यह आशंका जताने लगे हैं कि भेड़िया बच्चे को कहां ले गया होगा और क्या उसकी जान बची होगी या नहीं। इस घटना से गांव में भेड़िया के आतंक को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को भी इस घटना को लेकर त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि क्या जंगलों और मानव बस्तियों के बीच अतिक्रमण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपायों की आवश्यकता है। बहराइच के गांवों में लगातार भेड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा हैजिससे स्थानीय लोग लगातार डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के संतुलन के लिए प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द एक ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए। इस घटना के बादस्थानीय लोग और प्रशासन को यह समझने की आवश्यकता है कि जंगलों में रहने वाले जंगली जानवरों और गांवों के बीच दूरी बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। अब तक की जानकारी के अनुसारबच्चे का कोई सुराग नहीं मिला हैलेकिन पूरे गांव में इसकी तलाश जारी है।
