April 24, 2026

ब्रेन हेमरेज के बाद झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को दिल्ली किया एयरलिफ्ट, हालत गंभीर

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रांची। झारखंड (Jharkhand) के स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के मंत्री रामदास सोरेन (Education Minister Ramdas Soren) को शनिवार को सुबह करीब 4.30 बजे ब्रेन हेमरेज (Brain Hemorrhage) हो गया। जमशेदपुर (Jamshedpur.) के घोड़ाबांधा आवास से उन्हें टाटा मोटर्स हॉस्पिटल (Tata Motors Hospital.) ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सोनारी एयरपोर्ट से एयर एंबुलेंस में उन्हें दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospital, Delhi) ले जाया गया। टाटा मोटर्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया कि शिक्षा मंत्री को ब्रेन स्ट्रोक (ब्रेन हेमरेज) हुआ है और बड़े हिस्से में ब्लड क्लॉट हुआ है।

लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखे गए
इस बीच दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने शनिवार शाम को एक बयान जारी कर कहा कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन जीवन रक्षक प्रणाली यानी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक टीम उनकी स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है।

मस्तिष्क को पहुंचा नुकसान
डॉक्टरों ने कहा कि ब्रेन हेमरेज के कारण उनके मस्तिष्क के एक हिस्से को बुरी तरह नुकसान पहुंचा है। उनकी हालत गंभीर है। रामदास सोरेन घाटशिला के झामुमो विधायक विधायक हैं।मंत्री के निजी सचिव कालीपदो गोराई ने बताया कि शनिवार सुबह 4.30 बजे शिक्षा मंत्री बाथरूम गए थे। काफी देर के बाद भी जब वे बाथरूम से नहीं लौटे तो उनकी पत्नी देखने गई। वहां देखा कि रामदास सोरेन मूर्छित अवस्था में बैठे हैं।

ब्रेन हेमरेज की पुष्टि
पत्नी ने देखा कि वह बुलाने पर भी जवाब नहीं दे रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपने बेटों को आवाज दी और उन्हें उठाकर टाटा मोटर्स हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों में उन्हें देखते ही उन्हें सेरेब्रो वैस्कुलर एक्सीडेंट (सीवीए) की आशंका जताई। चिकित्सकों ने उनका सिटी स्कैन कराया और उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर डाल दिया। सिटी स्कैन में सीवीए यानी ब्रेन स्ट्रोक (ब्रेन हेमरेज) की पुष्टि हुई।

दिमाग में हुई ब्लड क्लॉटिंग
हेमरेज से ब्रेन के बड़े हिस्से में रक्तस्राव होने से ब्लड क्लॉटिंग हो गई। इससे रामदास सोरेन की हालत गंभीर हो गई। चिकित्सकों ने मंत्री को हायर सेंटर ले जाने का सुझाव दिया। जबतक मंत्री को टाटा मोटर्स अस्पताल के आईसीयू में रखा गया, उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी अधिक था। तत्काल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री को इस बारे में सूचना दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंत्री को एयर एंबुलेंस से दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाने को कहा।

ग्रीन कोरिडोर बना पहुंचाए गए दिल्ली
रांची से तत्काल एयर एंबुलेंस को सोनारी एयरपोर्ट बुलाया गया। एयर एंबुलेंस पहुंचते ही मंत्री को टाटा मोटर्स अस्पताल से सोनारी तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ले जाया गया। एयर एंबुलेंस से मंत्री के साथ उनके बड़े बेटे सोमेश सोरेन और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी समेत चिकित्सकों की टीम भी दिल्ली गई है। अपोलो अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है, जहां स्थिति गंभीर बनी हुई है।

अपोलो में पहले से चल रहा था इलाज
बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने बताया कि चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। उनकी स्थिति गंभीर है, लेकिन सभी आशान्वित हैं कि वे जल्दी ठीक हो जाएंगे। वहीं, परिवार के बाकी सदस्य दोपहर 3.15 बजे की फ्लाइट से रांची से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। गौरतलब हो कि पहले मंत्री को दिल्ली के मेदांता अस्पताल ले जाया जाना था, लेकिन बाद में उन्हें अपोलो इसलिए ले जाया गया, क्योंकि इससे पहले उनका इलाज वहीं से चल रहा था।

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी बोले- स्थिति पर कड़ी नजर
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कहा कि वह खुद पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इस घटना को लेकर झामुमो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि झामुमो के वीर सिपाही और राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन जी का दिल्ली में इलाज चल रहा है। आदरणीय रामदास जी का संघर्ष, समर्पण और सेवा भावना हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अस्पताल पहुंचते ही इलाज
सूत्रों ने बताया कि सुबह टाटा मोटर्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उनके मस्तिष्क में रक्त के थक्के जमने का पता लगाया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि मैंने दिल्ली अपोलो के निदेशक से बात की है। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि मंत्री के अस्पताल पहुंचते ही इलाज शुरू कर दिया जाएगा।

पहले से थी बीपी की समस्या
भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने आगे कहा कि अचानक बढ़े दबाव के कारण सोरेन को ब्रेन हैमरेज हुआ है। अर्जुन मुंडा जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पर मंत्री के परिवहन व्यवस्था का जायजा लेने गए थे। वहीं मंत्री रामदास सोरेन के निजी सचिव कालीपदो गोराई का कहना है कि मंत्री को पहले से ब्लड प्रेशर यानी बीपी की समस्या थी, जिसका इलाज चल रहा था।

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