October 31, 2026

‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा का इंडिया गठबंधन पर हमला, गुरु प्रकाश ने बताया लोकतंत्र का मजाक

0
14-1793437022

नई दिल्ली ।बिहार में इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम और रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने विपक्षी गठबंधन के इस आयोजन पर सवाल उठाते हुए इसे निराधार और तर्कहीन आंदोलन बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर ऐसा कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसका कोई औचित्य नहीं है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी नीरज कुमार ने भी विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और उसकी राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

गुरु प्रकाश ने कहा कि इंडिया गठबंधन का प्रस्तावित ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम कोई मॉक पार्लियामेंट नहीं है, बल्कि लोकतंत्र का मजाक है। उनके मुताबिक, विपक्ष झूठ और निराधार दावों के आधार पर आंदोलन खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है और संविधान पीठ भी संबंधित विषय को संवैधानिक बता चुकी है। ऐसे में इस मुद्दे पर आंदोलन करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं बनता।

भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल की कमी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में न तो समन्वय दिखाई देता है और न ही सहयोग की भावना है। उनके अनुसार, प्रस्तावित रैली राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन की हठधर्मिता का परिणाम है। उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन के नेताओं के बीच एकराय का अभाव नजर आता है।

रैली की प्रस्तावित तारीख एक नवंबर को लेकर भी गुरु प्रकाश ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह तारीख सिख समुदाय के इतिहास से जुड़ी संवेदनशील घटनाओं की याद दिलाती है। उनके मुताबिक, वर्ष 1984 में दिल्ली में सिख समुदाय की महिलाओं और अन्य लोगों के साथ हुई घटनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ऐतिहासिक संवेदनशीलता के बावजूद इसी दिन कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर देना विपक्ष की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

इंडिया गठबंधन की रैली को यूट्यूबर ध्रुव राठी का समर्थन मिलने के सवाल पर भी गुरु प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ध्रुव राठी, नेहा बोरा और अन्य लोगों की विचारधारा को लेकर सवाल उठाए। गुरु प्रकाश ने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि इन लोगों की वैचारिक पृष्ठभूमि क्या है। उन्होंने नेहा बोरा के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वह विपक्षी गठबंधन की रैली के मंच पर दिखाई देती हैं, तो इससे गठबंधन की संवैधानिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठेंगे।

गुरु प्रकाश ने शरजील इमाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वह भारतीय संविधान को फासीवादी दस्तावेज बताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के समर्थन को लेकर इंडिया गठबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के प्रति विपक्षी गठबंधन की निष्ठा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

दूसरी ओर, जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी इंडिया गठबंधन की राजनीतिक सक्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों का उल्लेख करते हुए पूछा कि वहां विपक्षी गठबंधन की एकजुटता कहां दिखाई दी। उन्होंने कहा कि गठबंधन की वास्तविक राजनीतिक स्थिति उसके अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन और आपसी तालमेल से स्पष्ट होती है।

नीरज कुमार ने संसद के स्थान पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को संसद में बैठकर काम करने के लिए चुनती है। ऐसे में विपक्ष को संसद के बाहर समानांतर आयोजन करने के बजाय अपनी मांगों को सदन में उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की सहमति से संसद का विशेष सत्र बुलाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में विपक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी वास्तविक मांग क्या है।

नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर देश में राजनीतिक अराजकता का माहौल तैयार करना चाहता है। इस दौरान उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जेडीयू के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की ओर से सरदार पटेल के सम्मान में प्रतियोगिता आयोजित की गई है। उन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण, प्रशासनिक ढांचे के निर्माण और सामाजिक सद्भाव स्थापित करने में पटेल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *