बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 9 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ाकर 60% किया
नई दिल्ली। पटना Samrat Choudhary सरकार ने बिहार के करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में डीए को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी गई। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
वित्त विभाग के अनुसार, इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। महंगाई और बढ़ती जरूरतों के बीच इसे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी फायदा दिया गया है। उनका महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से पुरानी वेतन संरचना वाले कर्मचारियों को भी आर्थिक राहत मिलेगी।
हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित यह पहली कैबिनेट बैठक थी, जिसमें कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रशासनिक, शिक्षा, पुलिस व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई फैसले शामिल हैं।
गृह विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) के पांच नए पद सृजित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
गृह विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) के पांच नए पद सृजित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
इसके अलावा वैशाली जिले में 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए भोजपुर, आरा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. इरशाद अंसारी को गबन और अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर बर्खास्त कर दिया है।
कैबिनेट ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि नई नीति से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि नई नीति से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
