उम्मीद छोड़ दें अवैध ‘वोटर’ कि कोई उन्हें बचा लेगा

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर पर फैसला सुनाते समय बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में न केवल देश के वैध नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनका नाम कतई काटा नहीं जा सकता, बल्कि अवैध ‘नागरिकों’ को भी साफ संदेश दे दिया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटेगा ही हटेगा।
“यदि प्रक्रिया पारदर्शी है और हटाए गए नामों के लिए न्यायिक अपील का विकल्प खुला है, तो राज्य सरकार को जांच की प्रक्रिया से सशंकित नहीं होना चाहिए। किसी भी वैध नागरिक को डरने की आवश्यकता नहीं है, और किसी भी अवैध व्यक्ति को संरक्षण मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।”
“यदि किसी वैध भारतीय नागरिक का नाम प्रशासनिक या न्यायिक त्रुटि से कटा है, तो उसे बहाल करने के लिए ट्रिब्यूनल अंतिम सुरक्षा कवच होगा। लेकिन, दस्तावेजों की शुद्धता पर कोई समझौता नहीं होगा।”
