पेपर लीक विवाद के बीच AAP का राज्यपाल पर सवाल, दीक्षांत समारोह के बहिष्कार की अपील; उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और छात्र संघ प्रभारी वंशराज दुबे ने कहा कि सरकार एक ओर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और छात्राओं के हितों की बात करती है, जबकि दूसरी ओर छात्रों के विरोध और उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उनका आरोप है कि परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय विरोध करने वालों पर ही सवाल उठा रही है।
पार्टी ने 27 से 29 जुलाई के बीच जौनपुर, वाराणसी और बलिया के विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित दीक्षांत समारोहों को लेकर भी आपत्ति जताई है। आम आदमी पार्टी ने विश्वविद्यालयों के मेधावी छात्रों और गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इन कार्यक्रमों का बहिष्कार कर अपनी असहमति दर्ज कराएं। पार्टी का कहना है कि यह विरोध किसी डिग्री या उपलब्धि के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के समर्थन में है।
वंशराज दुबे ने कहा कि विद्यार्थियों की डिग्रियां उनके वर्षों की मेहनत, परिवार के त्याग और संघर्ष का परिणाम होती हैं। इसलिए सरकार को पहले उन परिस्थितियों का समाधान करना चाहिए, जिनके कारण परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रों की शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो असंतोष और बढ़ सकता है।
पार्टी ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध को स्वीकार करने के बजाय उन पर आरोप लगाए जाते हैं, तो इससे शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि जिम्मेदारी तय करना और निष्पक्ष कार्रवाई करना सरकार का दायित्व है, ताकि युवाओं का विश्वास दोबारा स्थापित किया जा सके।
प्रदेश में हाल के दिनों में पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन को लेकर लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, जबकि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कह रही है। इसी बीच आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा। शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और इस पूरे विवाद के समाधान पर टिकी हुई है।
