एयर इंडिया की AI 1741 फ्लाइट लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई। पायलट ने विमान को सुरक्षित उतारा और सभी 164 यात्री सुरक्षित रहे।
विमान ने सुबह करीब 7:43 बजे पटना एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान के जमीन पर उतरने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल भवन तक पहुंचाया गया। घटना के दौरान किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। पायलट की तत्परता और समय पर लिए गए फैसले से स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
लैंडिंग से पहले विमान के दाहिने इंजन के आसपास पक्षी के टकराने का पता चला। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल और हवाई अड्डे के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी।
किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए रनवे के आसपास दमकल वाहनों और चिकित्सा दलों को तैयार रखा गया। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया और इसके बाद तकनीकी टीम ने विमान की विस्तृत जांच शुरू की।
ग्राउंड इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञों ने विमान के बाहरी हिस्से के साथ दोनों इंजनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बर्ड हिट की पुष्टि हुई। शुरुआती तकनीकी निरीक्षण में विमान के मुख्य इंजन और टरबाइन में किसी बड़े आंतरिक या संरचनात्मक नुकसान की जानकारी नहीं मिली।
सुरक्षा मानकों के तहत विमान की दोबारा उड़ान से पहले आवश्यक तकनीकी जांच और प्रक्रियाएं पूरी की गईं। विमान को उड़ान के लिए उपयुक्त पाए जाने के बाद आगे के संचालन की अनुमति दी गई। इस प्रक्रिया के कारण विमान के निर्धारित कार्यक्रम पर असर पड़ा।
AI 1741/1852 विमान को पटना से दिल्ली के लिए सुबह 8:45 बजे रवाना होना था। हालांकि, बर्ड हिट के बाद की गई अनिवार्य सुरक्षा जांच और तकनीकी परीक्षण के चलते विमान को करीब डेढ़ घंटे की देरी से दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
बर्ड स्ट्राइक विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती मानी जाती है, खासकर टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान जब विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होता है। पक्षी के इंजन या विमान के किसी महत्वपूर्ण हिस्से से टकराने की स्थिति में तकनीकी समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे मामलों में पायलट की सतर्कता के साथ एयरपोर्ट पर मौजूद आपातकालीन सेवाओं की तत्परता भी महत्वपूर्ण होती है।
पटना एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में विमान को सुरक्षित उतारने के बाद यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचाया गया और तकनीकी जांच के जरिए विमान की उड़ान क्षमता सुनिश्चित की गई। घटना के कारण कुछ समय के लिए संचालन प्रभावित हुआ, लेकिन सभी 164 यात्रियों के सुरक्षित रहने से बड़ी चिंता टल गई। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद विमान ने निर्धारित मार्ग पर अपनी अगली उड़ान भरी।
