June 1, 2026

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने संभाला नौसेना प्रमुख का पद, आत्मनिर्भर और आधुनिक नौसेना पर जोर

0
22-1780216357
नई दिल्ली । भारतीय नौसेना के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 मई को नौसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण कर लिया। साउथ ब्लॉक परिसर में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, जिसके साथ ही वे भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख बन गए। इस अवसर पर निवर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और औपचारिक रूप से सेवा से सेवानिवृत्त हुए।

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का नौसैनिक करियर लंबा और विविध अनुभवों से भरपूर रहा है। उन्हें वर्ष 1987 में भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था और वे संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ माने जाते हैं। अपने सेवा काल में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, संयुक्त सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज और कई अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिससे उनकी रणनीतिक और तकनीकी समझ को और मजबूती मिली है।

नौसेना प्रमुख का कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को विनम्रता, गर्व और कर्तव्य की भावना के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य लगातार बदल रहा है और अधिक जटिल होता जा रहा है, ऐसे में भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए नौसेना को हर समय तैयार रहना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना पहले से ही आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है और इस प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के विकास को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनके अनुसार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में नौसेना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में स्वदेशीकरण को और अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।

एडमिरल स्वामीनाथन ने संयुक्त सैन्य संचालन को मजबूत करने पर भी जोर दिया और कहा कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय आज की रणनीतिक जरूरत है। उन्होंने नौसेना कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना के अधिकारी, नाविक और महिला कर्मी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवरों में शामिल हैं और उनके कल्याण, प्रशिक्षण तथा कार्य वातावरण में सुधार उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी।

अपने संबोधन में उन्होंने निवर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के योगदान को भी याद किया और कहा कि उनके नेतृत्व में नौसेना ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं और एक मजबूत दिशा प्राप्त की। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी विरासत नौसेना को आगे भी प्रेरित करती रहेगी।

नए नौसेना प्रमुख ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण युद्धपोतों और विमानवाहक पोत की कमान संभाली है, जिससे उन्हें समुद्री संचालन का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है। उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह न केवल तकनीकी रूप से अधिक उन्नत बनेगी, बल्कि रणनीतिक रूप से भी वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत करेगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *