October 2, 2026

30 हजार के जूते और फंडिंग का सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके का बेबाक जवाब

0
untitled-1790920061

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उनसे पार्टी की फंडिंग को लेकर सवाल किया गया। जवाब में दीपके ने कहा कि उनकी फंडिंग और चुनाव आयोग से जुड़े उनके आरोपों का आपस में क्या संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ फंडिंग का स्रोत बताने से चुनाव व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आ जाएगा। उनके बयान में उन्होंने अपने महंगे जूतों और विदेश यात्रा का भी जिक्र किया।

दीपके की पार्टी ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से इसे जेल भरो आंदोलन बताया गया है। हालांकि मुंबई पुलिस की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार शिवाजी पार्क में आयोजन को लेकर 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और क्षेत्र के साइलेंस जोन होने की स्थिति लागू होती है। इसके बावजूद दीपके ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे पूछा गया कि जिस तरह वह चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं उसी तरह क्या वह अपनी पार्टी की फंडिंग का स्रोत भी सार्वजनिक कर सकते हैं तो दीपके ने सवाल को ही गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी सार्वजनिक रूप से आने वाली फंडिंग की जानकारी बता भी दें तो इससे चुनाव कैसे ठीक हो जाएंगे। उन्होंने फंडिंग और चुनाव आयोग से जुड़े उनके आरोपों के बीच संबंध पर सवाल उठाया।

इसी बातचीत में उनसे यह भी पूछा गया कि इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संसाधन कहां से आ रहे हैं। इस पर दीपके ने अपने जूतों की कीमत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 30000 रुपये के जूते पहनते हैं और उन्हें यह बताने में कोई शर्म नहीं है। उन्होंने बताया कि वह अमेरिका भी जा चुके हैं और वहां से भारत लौटकर अलग-अलग राज्यों में यात्रा करने की क्षमता रखते हैं। उनका कहना था कि अगर वह अमेरिका जाने वाली फ्लाइट ले सकते हैं तो मुंबई से दिल्ली तक भी यात्रा कर सकते हैं।

फंडिंग के सवाल पर उनका यह जवाब ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। रिपोर्टों के अनुसार पार्टी की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों पर बदलाव शामिल हैं।

इससे पहले 1 अक्टूबर को दीपके को मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में समर्थकों के साथ तख्तियां लेकर मौजूद रहने के बाद पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें मरीन ड्राइव थाने ले जाया गया और कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। 2 अक्टूबर को भी मुंबई और दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की खबर है।

दीपके ने कहा है कि मुंबई के बाद आंदोलन को दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा। रिपोर्टों में गोवा बेंगलुरु और कोलकाता समेत अन्य शहरों में प्रदर्शन की योजना का भी उल्लेख है। उन्होंने यह भी कहा है कि अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

इस तरह फंडिंग और आंदोलन के खर्च को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके का जवाब अब चर्चा में है। उन्होंने अपनी आर्थिक क्षमता का हवाला देते हुए कहा कि महंगे जूते पहनना या विदेश यात्रा करना अपने आप में पार्टी की फंडिंग के स्रोत का जवाब नहीं है। वहीं पार्टी के आंदोलन और उसकी वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े सवाल आगे भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *