March 8, 2026

वाराणसी में AAP की पदयात्रा का भव्य समापन, संजय सिंह ने दी नफरत के खिलाफ मुद्दों की राजनीति की चुनौती

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा ने 16 जनवरी से मिर्ज़ापुर से शुरू होकर सातवें और अंतिम दिन वाराणसी में जोरदार समापन किया। सात दिनों की इस यात्रा में युवाओं, मजदूरों, किसानों, बुनकरों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और बेरोजगारों ने जोरदार समर्थन देकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया। गुरुवार को सारनाथ में दर्शन के साथ पदयात्रा का समापन हुआ, जिसके बाद लाल बहादुर शास्त्री घाट, सिकरौल में विशाल जनसभा आयोजित की गई।
समापन कार्यक्रम में AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा और फरवरी के अंत में चौथे चरण की पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसमें जनता की भागीदारी और बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन नफरत के खिलाफ है और अब मुद्दों की राजनीति ही होगी।

पदयात्रा के अंतिम दिन संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा 12 बजे सारनाथ से शुरू होकर सारनाथ मंदिर तक चली, जहां लोगों ने फूलों की वर्षा और नारों से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, खाद और रोजगार जैसे असली मुद्दों को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति इसलिए हो रही है ताकि जनता अपने सवाल न पूछ सके।

संजय सिंह ने मिर्ज़ापुर से वाराणसी तक की यात्रा के दौरान बुलडोजर से घरों के तोड़े जाने, जमीनें छीने जाने और हजारों एकड़ जमीन पर कब्जे की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक आदमी अपनी जिंदगी की कमाई से घर बनाता है और सरकार एक मिनट में उसे उजाड़ देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाराणसी में पौराणिक मंदिरों, मूर्तियों और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तक को नहीं बख्शा गया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए पूछा कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार 12 साल में 24 करोड़ नौकरियां क्यों नहीं दे सकी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश के दावे के बावजूद युवाओं को नौकरी नहीं मिली। AAP की मांग साफ है“नौकरी दो या 18 साल से ऊपर हर नौजवान को हर महीने 10,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दो।”

सामाजिक न्याय पर उन्होंने कहा कि संविधान का सही पालन ही सामाजिक न्याय है, लेकिन आज दलितों, पिछड़ों और वंचितों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति खत्म होगी तो मुद्दों की राजनीति अपने आप मजबूत होगी।

समापन में संजय सिंह ने कहा कि सारनाथ की धरती ने शांति और अहिंसा का संदेश दिया है और भारत तभी विश्व गुरु बनेगा जब यही रास्ता अपनाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि चौथे चरण की पदयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर इस संघर्ष को मजबूत करें।

AAP उत्तर प्रदेश ने कहा कि “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” केवल अभियान नहीं, बल्कि बेरोजगारी, अन्याय और नफरत की राजनीति के खिलाफ जनआंदोलन है, जिसे सड़क से लेकर सदन तक आगे बढ़ाया जाएगा।पदयात्रा का तीसरा चरण 22 जनवरी 2026 को वाराणसी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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