March 8, 2026

MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने इंसानी सोच और सिस्टम की खामियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जौनपुर की यह घटना किसी डार्क थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। एक छात्र का डॉक्टर बनने का जुनून इस कदर पागलपन में बदला कि उसने मेडिकल की सीट पाने के लिए खुद के ही शरीर को दांव पर लगा दिया। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में 25 वर्षीय सूरज भास्कर ने सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनने के लिए जो रास्ता चुना, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
सूरज ने दिव्यांग कोटा (PH Quota) हासिल करने के लिए ग्राइंडर मशीन से अपना ही बायां पैर काटकर शरीर से अलग कर दिया।

वारदात की क्रोनोलॉजी: साजिश से खुलासे तक
शुक्रवार रात करीब 12 बजे सूरज ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।
दवाओं का खेल खुद को दर्द से बचाने के लिए सूरज ने पहले एनेस्थीसिया (सुन्न करने वाला) इंजेक्शन लगाया। जब पैर सुन्न हो गया, तो बिजली से चलने वाली ग्राइंडर मशीन से अपने पंजे को काट डाला।

गुमराह करने की कोशिश शनिवार सुबह सूचना फैली कि अज्ञात बदमाशों ने सूरज पर जानलेवा हमला कर उसका पैर काट दिया है। पुलिस ने तत्काल ‘हत्या के प्रयास’ का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

कैसे खुला राज?
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों ने चौंका दिया। खेत में इंजेक्शन के रैपर और दवाइयां मिलीं, जो किसी राह चलते अपराधी के पास होना मुमकिन नहीं था। जब पुलिस ने सूरज की डायरी और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो साजिश की परतें खुल गईंडायरी का टारगेट, सूरज ने अपनी डायरी में लिखा था 2026 में किसी भी हाल में MBBS में दाखिला लेना है।

BHU से ली ‘ट्रेनिंग’
जांच में पता चला कि सूरज अक्टूबर में वाराणसी (BHU) गया था, जहाँ उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट के फायदे और प्रक्रिया की पूरी रेकी की थी।नीट (NEET) में कड़े कॉम्पिटिशन से बचने के लिए उसने खुद को स्थायी रूप से दिव्यांग बनाने का फैसला किया।

सिस्टम और मानसिक दबाव का आईना
यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि उस मानसिक दबाव की चरम सीमा है जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान महसूस करते हैं। फिलहाल सूरज अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसका यह कदम उसे कॉलेज की सीट दिलाएगा या जेल की कोठरी, यह पुलिसिया कार्रवाई तय करेगी।पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि सूरज को मेडिकल ग्रेड के इंजेक्शन और ग्राइंडर मशीन किसने मुहैया कराई।

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